गायों की बदतर स्थिति देख भड़के गंगा बचाओ अभियान के सदस्य

जमुई, 13 सितंबर. गंगा बचाओ अभियान के संस्थापक विकास चन्द्र उर्फ गुड्डू बाबा ने जमुई की रामकृष्ण गोशाला का निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान गोशाला की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में 85 गोशालाएं हैं, जिनका निरीक्षण किया है.

लेकिन जमुई गौशाला जैसी ख़राब स्थिति कहीं भी देखने को नहीं मिली. उन्होंने डीएम और गोशाला कमेटी के पदेन अध्यक्ष एसडीओ को गौशाला की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि गौशाला की स्थिति काफी दयनीय है.

उन्होंने कहा कि बिहार में गोशाला के लिए पीआईएल हाईकोर्ट में दायर किया है और उसकी लड़ाई लड़ रहा हूं. जमुई की स्थिति काफी खराब है वे हाईकोर्ट में एक -दो दिन में पीआईएल दायर करेंगे.

एसडीओ लखीन्द्र पासवान ने उन्हें आश्वस्त किया कि हर हाल में गोशाला की स्थिति में सुधार किया जाएगा. बाबा ने वहां के लोगों से बातचीत की तो पता चला कि तीन दिन से गायें आधी पेट खा कर रह रही हैं जबकि कई गायें बीमार हैं.

कुछ गाय बारिश के पानी में भींगती नजर आयी. चार स्टॉफ रहने के बाद भी सही देख रेख नहीं हो रही है. इस पर गंगा बचाओ अभियान के संस्थापक काफी चिंतित नजर आए.

बताते चलें कि गौशाला की आमदनी के लिए 32 दुकानें और 16 गोदाम बनाए गए हैं. दुकान व गोदाम से 7 सौ रुपये प्रति महीने की दर से 33 हजार 600 रुपए भाड़ा मिलता है जबकि तीन स्टॉफ और एक मैनेजर है व सभी स्टॉफ 8 हजार रुपये महीना में कार्यरत हैं.

विवाह भवन का एक दिन का बुकिंग भाड़ा 5 हजार व दो दिन की बुकिंग 11 हजार रुपये में होती है. इसके अलावा सिंगारपुर, उझंडी और खैरा प्रखंड के हरणी गांव के पास गोशाला की काफी जमीन है. हिन्दुस्थान समाचार/मुकेश कुमार

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