'इन्होंने' तो मेरी सीट और दावेदारी भी तय कर दी-विश्वास

नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी के नेता और कवि कुमार विश्वास ने एक ट्वीट के जरिए मीडिया पर तंज कसा है. कुमार विश्वास वैसे भी अपने कटाक्ष के लिए जाने जाते हैं. मीडिया में आईं खबरों के बीच कुमार ने ट्वीट कर तंज कसा है.

विश्वास को लेकर सियासी गलियारे में तरह-तरह की अटकलें लगती रहती हैं. कुमार विश्वास फिलहाल विदेश में हैं.

हमेशा लगती रहती हैं अटकलें- विश्वास के बारे में कहा जा रहा है कि वो जल्दी ही आप पार्टी छोड़ सकते हैं और बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. वैसे भी कवि कुमार विश्वास के रिश्ते पार्टी से काफी दिनों से ठीक नहीं चल रहे.

बीते दिनों खबर थी की मनोज तिवारी से मिले- अपने बगावती तेवरों की वजह से वह पार्टी में होते हुए भी पार्टी में न होने के बराबर हैं. लंबे समय से उनके पार्टी छोड़ने की चर्चाएं चलती रही हैं. यही नहीं बीते तीन दिनों से तो उनके बीजेपी में शामिल होकर चुनाव तक लड़ने की खबर आ गई और यह भी कहा गया कि वह मनोज तिवारी से मिल चुके हैं.

मीडिया खबरों के बाद कुमार का तंज- इन सभी मीडिया रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद कुमार विश्वास का इन पर तंज भरा रिएक्शन सामने आया है जो ऐसी चर्चाओं पर विराम लगाता है. उनके मुताबिक वो विदेश में हैं.

इस बार उन्होंने ट्वीट कह कहा-नेपाल से यूरोप गया, यूरोप से बहरीन! अभी भी परदेस में हूं लेकिन भारतीय मीडिया के ट्वीट्स देख कर पता चला कि पट्ठों ने किसी देश के ऊपर हवालोक में मेरी राजनैतिक मुलाक़ातें/सीट-दावेदारी तक तय कर दी ग़ज़ब… जियो बहादुर.

एक अन्य ट्वीट में कुमार विश्वास ने लिखा है, ‘जीवन हो या राजनीति दोनों में आई चुनौतियों के समय यदि आप भय या लालच के जाल में न फंसकर अपने “स्वधर्म” को नहीं छोड़ते तो इतिहास आपके लिए निश्चित रूप से मार्ग छोड़ता है ! आपकी निजता का आलोक ही शाश्वत है,शेष जय-पराजय क्षणभंगुर हैं ! महाराणा-शिवाजी-पटेल-अटलजी जैसे अनेक साक्ष्य हैं’.

वहीं गुरुवार को कुमार विश्वास ने लंदन से एक फोटो ट्वीट किया. जिससे यह पता चलता है कि वह देश में नहीं हैं। ऐसे में किसी पार्टी में शामिल होने की खबरें अभी अटकलें ही हैं.

एक अन्य ट्वीट में कुमार विश्वास ने आप विधायक अलका लांबा और आप नेता सौरभ भारद्वाज के बीच हुए ट्विटर वार पर भी तंज कसा. उन्होंने लिखा, ‘तो अलका के लिए आत्ममुग्ध बौने ने नया “अमानती-कटप्पा” चुना है अगली बार अपने किसी दूसरे महारथी की हत्या के लिए फिर एक नया “कटप्पा” लाएगा!

इस नष्टप्राय माहिष्मति की ये असुरक्षित शिवगामी, नष्ट होने से बस दो ही कदम दूर है! पहला कदम लोकसभा, फिर विधानसभा इति वार्ता’.