Mayawati ने उपचुनाव अकेले लड़ने का किया ऐलान, अब ऐसे होंगे सियासी समीकरण

आखिरकार बीजेपी नेताओं की भविष्यवाणी सही साबित हुई. और लोकसभा चुनाव के बाद एसपी-बीएसपी गठबंधन टूटता हुआ नजर आ रहा है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने उपचुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है. मायावती के इस ऐलान का मतलब है कि यूपी में महागठबंधन अपनी आखिरी सांसे गिन रहा है.

लोकसभा चुनाव में एसपी-बीएसपी मिलकर लड़े थे, हालांकि उसके बाद भी उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. लोकसभा चुनाव में यूपी में समाजवादी पार्टी को महज 5 सीटें मिली हैं, जबकि पिछले चुनाव में एक भी सीटें न जीत पाने वाली बीएसपी को 10 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

हाल में ही हुए लोकसभा चुनाव में 11 विधायक सांसद बन गए हैं. इसमें 8 विधायक बीजेपी के और एक-एक विधायक एसपी और बीएसपी के हैं. अब एसपी-बीएसपी गठबंधन के टूटने के बाद एक बार फिर से राजनीतिक समीकरण बदल जाएंगे.

इन सीटों पर होंगे उपचुनाव

रामपुर सदर, जलालपुर, बलहा (सुरक्षित), जैदपुर (सुरक्षित), मानिकपुर, गंगोह, प्रतापगढ़, गोविंद नगर, लखनऊ कैंट, टुडला (सुरक्षित), इगलास, हमीरपुर.

किस सीट पर क्या है समीकरण

2017 में हुए विधानसभा चुनाव में एसपी और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था. विधानसभा चुनाव कुल 403 सीटों में से NDA ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 324 सीटें हासिल की थीं. इनमें से बीजेपी ने अकेले दम पर 311 सीटें जीती थीं, जबकि अपना दल (सोनेलाल) ने 9 सीटें और भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के खाते में 4 सीटें आई थीं. वहीं 54 पर एसपी-कांग्रेस गठबंधन, 19 पर बीएसपी और 6 सीटें अन्य के खाते में गई थीं.

विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 40.6 फीसदी, एसपी और बीएसपी को 22-22 फीसदी और कांग्रेस को महज 06 फीसदी वोट मिले थे.

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