बढ़ सकती है मायावती की मुश्किलें, ED करेगी मनी लॉन्ड्रिग की जांच शुरू..
  • जिस वक्त ये चीनी मिल नम्रता कंपनी को बेची गई थीं, उस वक्त यूपी में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी और मायावती प्रदेश की सीएम थीं
  • योगी सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच आरम्भ की थी. प्रारंभिक जांच में ही इस मामले में गड़बड़ी की बात सामने आई थी

नई दिल्ली. साल 2010-11 में हुए चीनी मिलों को बेचने में हुए घोटाले को लेकर बीएसपी सुप्रीमो मायावती की मुश्किलों बढ़ गई हैं. मायावती पर चीनी मिलों को गलत तरीके से बेचे जाने का आरोप है. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है.

अब ये केस प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में भी आ गया है. प्रवर्तन निदेशालय अब इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करेगा. मामले की जांच कर रही सीबीआई को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दस्तावेज मिले थे, जो ईडी को सौंप दिए गए हैं.

औने-पौने दाम में मिलों को बेचने का आरोप- आरोप है कि सरकार ने एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी बैलेंस शीट और निवेश के फर्जी कागजातों के आधार पर नीलामी में शामिल होने के लिए योग्य मान लिया. इस तरह ज्यादातर चीनी मिल इस कंपनी को औने-पौने दामों में बेच दी गई. इस कंपनी का नाम नम्रता मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड है.

जिस वक्त ये चीनी मिल नम्रता कंपनी को बेची गई थीं, उस वक्त यूपी में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी और मायावती प्रदेश की सीएम थीं.

योगी ने की थी जांच की सिफारिश– साल 2017 में यूपी में बीजेपी की सरकार की सरकार आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2018 में चीनी मिल बेचे जाने के केस की सीबीआई जांच करने की सिफारिश की थी.

योगी सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच आरम्भ की थी. प्रारंभिक जांच में ही इस मामले में गड़बड़ी की बात सामने आई थी.

करीब 1179 करोड़ का हुआ था नुकसानआरोप है कि चीनी मिलों की गलत बिक्री से करीब 1179 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ है. सीबीआई जांच में ये बात सामने आई है कि ये मामला मनी लॉन्ड्रिंग का भी है. जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है.

CBI ने 420, 408, 477A, 471 और धारा 629A कंपनी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें दिल्ली के राकेश शर्मा, सुमन शर्मा, गाजियाबाद के धर्मेंद्र गुप्ता, सहारनपुर के सौरभ मुकुंद, सहारनपुर के मो.जावेद, मो. नदीम अहमद, मो. वाजिद शामिल हैं.

Trending Tags- Mayawati | BSP | Akhilesh Yadaw | UP News | CM yogi | BJP | UP Sugar Mill Scam

  • जिस वक्त ये चीनी मिल नम्रता कंपनी को बेची गई थीं, उस वक्त यूपी में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी और मायावती प्रदेश की सीएम थीं
  • योगी सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच आरम्भ की थी. प्रारंभिक जांच में ही इस मामले में गड़बड़ी की बात सामने आई थी

नई दिल्ली. साल 2010-11 में हुए चीनी मिलों को बेचने में हुए घोटाले को लेकर बीएसपी सुप्रीमो मायावती की मुश्किलों बढ़ गई हैं. मायावती पर चीनी मिलों को गलत तरीके से बेचे जाने का आरोप है. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है.

अब ये केस प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में भी आ गया है. प्रवर्तन निदेशालय अब इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करेगा. मामले की जांच कर रही सीबीआई को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दस्तावेज मिले थे, जो ईडी को सौंप दिए गए हैं.

औने-पौने दाम में मिलों को बेचने का आरोप- आरोप है कि सरकार ने एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी बैलेंस शीट और निवेश के फर्जी कागजातों के आधार पर नीलामी में शामिल होने के लिए योग्य मान लिया. इस तरह ज्यादातर चीनी मिल इस कंपनी को औने-पौने दामों में बेच दी गई. इस कंपनी का नाम नम्रता मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड है.

जिस वक्त ये चीनी मिल नम्रता कंपनी को बेची गई थीं, उस वक्त यूपी में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी और मायावती प्रदेश की सीएम थीं.

योगी ने की थी जांच की सिफारिश– साल 2017 में यूपी में बीजेपी की सरकार की सरकार आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2018 में चीनी मिल बेचे जाने के केस की सीबीआई जांच करने की सिफारिश की थी.

योगी सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच आरम्भ की थी. प्रारंभिक जांच में ही इस मामले में गड़बड़ी की बात सामने आई थी.

करीब 1179 करोड़ का हुआ था नुकसानआरोप है कि चीनी मिलों की गलत बिक्री से करीब 1179 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ है. सीबीआई जांच में ये बात सामने आई है कि ये मामला मनी लॉन्ड्रिंग का भी है. जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है.

CBI ने 420, 408, 477A, 471 और धारा 629A कंपनी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें दिल्ली के राकेश शर्मा, सुमन शर्मा, गाजियाबाद के धर्मेंद्र गुप्ता, सहारनपुर के सौरभ मुकुंद, सहारनपुर के मो.जावेद, मो. नदीम अहमद, मो. वाजिद शामिल हैं.

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