मेरी मूर्तियां जनता और कांशीराम की इच्छा से लगीं- SC में मायावती का जबाव

नई दिल्ली. यूपी की पूर्व सीएम और बीएसपी सुप्रीमों मायावती ने मूर्तियों पर हुए खर्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है. अपने हलफनामे में मायावती ने कहा है कि स्टैचू को लगाने से पहले प्रक्रिया का पालन किया गया था और लोगों की इच्छा थी कि उनकी मूर्तियां लगनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था हिसाब- सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान पूछा था कि क्या मूर्तियों पर हुए खर्च को मायावती से वसूला जाना चाहिए. 8 फरवरी को केस की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि कोर्ट का विचार है कि मायावती को मूर्तियों पर हुए खर्च को अपने पास से सरकारी खजाने में अदा करना चाहिए.

मायावती की तरफ से सतीश चंद्र मिश्रा केस की पैरवी कर रहे हैं. इस मामले में याचिकाकर्ता रविकांत ने मायावती और हाथी की मूर्तियों के निर्माण पर हुए खर्च को बीएसपी से वसूलने की मांग की थी. यह जनहित याचिका वर्ष 2009 में दाखिल की गई थी.

शपथपत्र में दी खर्ज की जानकारी- मायावती ने शपथपत्र में खुद की और हाथियों की मूर्तियों पर हुए खर्च की जानकारी दी है. इन तमाम मूर्तियों को लखनऊ और प्रदेश के अन्य शहरों में लगाया गया है.

इच्छा के आधार पर लगाईं गई मूर्तियां- मायावती ने अपने जवाब में कहा है कि यह मूर्तियां लोगों की इच्छा के आधार पर लगाई गई थीं. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मायावती से कहा था कि वह जवाब दें कि आखिर क्यों उन्होंने खुद की मूर्तियां लगवाई हैं.

बीएसपी सुप्रीमो ने शहरों में अपने द्वारा बनाई गई मूर्तियों की स्थापना को सही ठहराया और कहा कि मूर्तियां लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व करती हैं.

मायावती ने कहा कि राज्य की विधानसभा की इच्छा का उल्लंघन कैसे करूं? इन प्रतिमाओं के माध्यम से विधानमंडल ने दलित नेता के प्रति आदर व्यक्त किया है. सीएम के पद पर रहते हुए उनकी तरफ से इन मूर्तियों के लिए बजट का उचित आवंटन किया गया था.

इसे कोर्ट नहीं तय कर सकता- मायावती ने इसके साथ ही कहा कि यह पैसा शिक्षा पर खर्च किया जाना चाहिए या अस्पताल पर यह एक बहस का सवाल है और इसे अदालत द्वारा तय नहीं किया जा सकता है.

दलित नेताओं द्वारा बनाई मूर्तियों पर ही सवाल क्यों- इसके साथ ही हलफनामे में मायावती ने कहा, दलित नेताओं द्वारा बनाई गई मूर्तियों पर ही सवाल क्यों? वहीं बीजेपी और कांग्रेस जैसी पार्टियों द्वारा जनता के पैसे इस्तेमाल करने पर सवाल क्यों नहीं? मायावती ने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सरदार पटेल, शिवाजी, एनटी राम राव और जयललिता आदि की मूर्तियों का भी हवाला दिया.

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