जानें UN में बैन के बाद MASOOD AZHAR पर क्या होगा असर!

नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश सरगना को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव पर बुधवार को मुहर लग गई है. सुरक्षा परिषद से बैन लगने के बाद संयुक्त राष्ट्र के सभी देश अपने घरेलू मेकेनिज्म में भी संबंधित आतंकी पर प्रतिबंध लगाते हैं.

भारत ने 2009 में मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पेश किया था. इसके बाद 2016 में भारत ने इस संबंध में पी3 देशों यानी अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिल कर संयुक्त राष्ट्र की 1267 सदस्यीय प्रतिबंध समिति के समक्ष मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पेश किया था.

चीन ने डाला था अडंगा- इसके बाद 2017 में भारत ने पी3 देशों के साथ इसी प्रकार का प्रस्ताव फिर से पेश किया था लेकिन सभी मौकों पर वीटो का अधिकार रखने वाले सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य चीन ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करके इसमें अडंगा डाला था.

इस प्रस्ताव के पारित होते ही दुनिया भर के देशों में अजहर की एंट्री प्रतिबंधित हो गई है. इसके बाद मसूद अजहर कहीं यात्रा नहीं कर सकेगा.

  • इसके बाद मसूद अजहर कहीं यात्रा नहीं कर सकेगा.
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के किसी भी सदस्य देश की यात्रा वह नहीं कर सकेगा.
  • संपत्ति जब्त हो जाएगी और हथियारों की पहुंच भी उस तक नहीं हो सकेगी.
  • इसके अलावा उसको किसी तरह की आर्थिक गतिविधि की भी इजाजत नहीं होगी.
  • संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को उसके फंड्स को फ्रीज करना होगा.
  • फाइनैंशल एसेट्स, इकॉनमिक रिसोर्सेज को पूरी तरह सीज करना होगा.
  • यूएन के सभी सदस्य देशों को अपने हथियारों, उसके निर्माण की तकनीक, स्पेयर पार्ट्स समेत आर्म्स से जुड़े किसी भी आइटम की सेल या फिर उस तक पहुंच को रोकना होगा.

दबाव के बाद उठाया गया कदम- UNSC की ओर से यह कदम भारत समेत अन्य देशों द्वारा पाकिस्तान पर 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद बनाए गए दबाव से उठाया गया. मसूद ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी. बता दें कि पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

%d bloggers like this: