8 साल में पहली बार बाजार का हुआ इतना बुरा हाल, इन वजहों से हो रही भारी गिरावट
  • लगातार 9वें दिन बाजार में गिरावट से निवेशकों के 8.56 लाख करोड़ रुपये डूब गए
  • कुल मार्केट कैप 8,56,318.06 करोड़ रुपए घटकर 1,44,52,518.01 करोड़ रुपए रह गया

नई दिल्ली. शेयर बाजार में लगातार 9 दिन से हाहाकार मचा हुआ है. बीते 9 दिनों से बाजार गिरावट के साथ लाल निशान पर अपने कारोबार की शुरूआत करता है और लाल निशान पर ही आकर बंद होता है.करीब 8 साल बाद यह पहली बार है जब बाजार लगातार नौवें दिन पस्‍त हुआ है.

लगातार 9वें दिन बाजार में गिरावट से निवेशकों के 8.56 लाख करोड़ रुपये डूब गए. 26 अप्रैल को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,53,08,828.49 करोड़ रुपए था. वहीं 13 मई को बीएसई का कुल मार्केट कैप 8,56,318.06 करोड़ रुपए घटकर 1,44,52,518.01 करोड़ रुपए रह गया.

कई करणों से बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है.तो आईए जानते हैं बाजार के नीचे आने के कुछ कारण..

इस वजह से गिर रहा बाजार-

बाजार में लगातार चल रही गिरावट का सबसे बड़ा कारण देश में चल रही राजनीतिक अस्थिरता है. इस समय देश में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान आखिरी चरण में है. ऐसे में मीडिया से लेकर राजनीति के पंडितों ने कायास लगाने शुरू कर दिए हैं कि इस बार किस की सरकार बनेगी.लगभग सभी का ये कहना है कि इस बार बहुमत की सरकार नहीं बनेगी.

इन कायासों से निवेशकों में एक डर का माहौल बना हुआ है.निवेशक भारतीय बाजार पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं. निवेशक और अधिक निवेश करने की जगह अपना पैसा बाजार से निकालना ही सही मान रहे हैं.

आंकड़े बताते हैं कि 3 महीने तक लगातार निवेश करने के बाद मई के शुरुआती 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने बाजार से 3207 करोड़ रुपए की निकासी कर ली है. एक्सपर्ट का कहना है कि ये गिरावट चुनाव नतीजे आने तक जारी रहने वाली है.

बाजार के गिरने का एक कारण ये भी-

शेयर बाजार में गिरावट का दूसरा बड़ा कारण अमेरिका और चीन के बीच चल रही ट्रेड वॉर है. दोनों देशों के बीच हर दिन तनाव बढ़ता ही जा रहा है. इस तनाव का बुरा असर न सिर्फ भारतीय बाजार पर पड़ रहा है, बल्कि इसका बुरा असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है.

हाल ही में दोनों देशों के बीच कारोबारी वार्ता होनी थी जो की विफल हो गई है.जिसके कारण जापान की निक्‍केई से लेकर भारतीय शेयर बाजार तक प्रभावित हुआ है. नतीजा यह हुआ है कि बीते 9 कारोबारी दिन से सेंसेक्‍स और निफ्टी लगातार लाल निशान पर बंद हो रहे हैं.

ये है बाजार में गिरावट का एका कारण-

बाजार में गिरावट की तीसरी वजह कंपनियों के तिमाही नतीजों को माना जा रहा है. इस तिमाही में कंपनियों के नतीजे काफी बुरे आए हैं. आरआईएल को छोड़ दें तो टेलिकॉम और बैंकिंग सेक्‍टर के नतीजे अच्‍छे नहीं हैं. YES BANK से लेकर वोडाफोन आइडिया तक लगभग कई कंपनियों को घाटा हुआ है.हालांकि आईटी सेक्‍टर में मजबूती जरूर है.

2 महीने के निचले स्‍तर पर रुपया-

रुपए में लगातार चल रही गिरावट को बाजार के लाल निशान पर आने की एक वजह माना जा रहा है. कच्‍चे तेल की कीमतों में चल रही उथल-पुथल और ट्रेड वार गहराने की आशंका के चलते रुपया गिरता जा रहा है.

सोमवार को रुपया करीब 2 महीने के निचले स्‍तर पर आ गया और 62 पैसे टूटकर 70.53 के स्तर पर बंद हुआ है. जबकि रुपए ने अपनी शुरुआत भी कमजोरी के साथ की थी. सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 23 पैसे टूटकर 70.14 के स्तर पर खुला था.

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