भक्तों के लिए 80 दिन बाद खुले सोमनाथ, द्वारिका और सौराष्ट्र के मंदिर

HS (3)
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राजकोट/अहमदाबाद, 08 जून (हि.स.). अनलॉक -1 के बीच 80 दिनों के बाद सौराष्ट्र में प्रसिद्ध मंदिरों के द्वार आज खोल दिए गए. देवी-देवताओं के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्त आने लगे लेकिन सौराष्ट्र के मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या कम हो गई है. लोग अभी कोरोना के डर से मंदिर आने से बच रहे हैं.

वहीं 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम सोमनाथ महादेव मंदिर में आज सुबह हल्की बारिश हुई, फिर भी श्रद्धालु महादेव के दर्शन करने के लिए कतार में खड़े रहे. हर-हर महादेव की ध्वनि से पूरा मंदिर गूंजता रहा. राजकोट शहर में पंचनाथ महादेव और रामनाथ महादेव मंदिर के द्वारा भी खोल दिए गए हैं.

सोमनाथ महादेव मंदिर के द्वार भक्तों के लिए आज खोलने के साथ ही कारोना से बचाव के लिए लॉकडाउन के नियम-कानून का भी पूरी तरह से पालन किया जा रहा है. मंदिर में 10 वर्ष से कम और 60 से अधिक उम्र के लोगों का प्रवेश वर्जित किया गया है. ऐसी व्यवस्था की गई है कि एक घंटे में 300 लोग भगवान के दर्शन कर सकें. महामारी के मद्देनजर शारीरिक दूरी का पूरा पालन किया जा रहा है. छह-6 फीट पर गोले बनाए गए हैं.

द्वारिका में केवल मुख्य मंदिरों को ही आज खोला गया है.जगत मंदिर द्वारिकाधीश के द्वार खोल दिए गए है लेकिन भक्तों की संख्या बहुत कम रही. स्थानीय लोग ही आए, गाँव से एक भी भक्त नहीं पहुंचा. वहीं सभी मंदिरों में आरती में किसी भी भक्त को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

सौराष्ट्र में खोडलधाम मंदिर भी 80 दिन के बाद खोल दिया गया है. दर्शनार्थियों के लिए पूरी व्यवस्था की गई है. सुबह-शाम की आरती में कोई भक्त नहीं शामिल हो सकता. जो भी श्रद्धालु मंदिर आ रहे हैं, उनकी पूरी जांच होती है तभी अंदर प्रवेश दिया जाता है.

हिन्दुस्थान समाचार/हर्ष/पारस/बच्चन