चंद्रयान-2 मिशन पर ममता ने भी बढ़ाया वैज्ञानिकों को हौसला

भारत के चंद्रयान-2 मिशन को शनिवार तड़के उस समय झटका लगा. जब लैंडर विक्रम से चंद्रमा के सतह से महज 2 किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया.

मीडिया में चल रही रिपोर्टस के मुताबिक मिशन का सिर्फ 5 फीसद -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है. जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है.

इसरो के एक वैज्ञानिक के अनुसार, लैंडर का नियंत्रण उस समय समाप्त हो गया होगा. जब नीचे उतरते समय उसके थ्रस्टर्स को बंद किया गया होगा और वो दुर्घटनाग्रस्त हो गया होगा. जिसके कारण संपर्क टूट गया.

ममता ने किया ट्वीट

ममता ने अपने ट्वीट में लिखा कि हमें अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है.# चंद्रयान 2 के लिए @isro टीम ने कड़ी मेहनत की. उन्होंने उन फाउंडर को श्रद्धांजलि दी. जिन्होंने भारत को विज्ञान के क्षेत्र में उन्नत देशों की लिस्ट में शामिल करवाने में योगदान दिया था.

भारत का चंद्रयान पिछले 43 दिनों से अंतरिक्ष में है. 3.8 टन वजनी ये यान फिलहाल चंद्रमा की कक्षा में चक्कर काट रहा है.

विक्रम दो सितंबर को आर्बिटर से अलग हो गया था. चंद्रयान-2 को इसके पहले 22 जुलाई को भारत के हेवी रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हिकल-मार्क 3 (जीएसएलवी एमके 3) के जरिए अंतरिक्ष में लांच किया गया था.

पीएम ने कही ये बात

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लैंडर का संपर्क टूट जाने के बाद इसरो के वैज्ञानिकों से कहा, “देश को आप पर गर्व है. सर्वश्रेष्ठ के लिए उम्मीद करें.

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