भारत-चीन तनातनी के बीच महाराष्ट्र सरकार ने 3 चीनी कंपनियों से किया करार

Uddhav Thackeray
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चीन की दगाबाजी के बाद देश चीन के खिलाफ गुस्से का माहौल है. लोगों ने चीनी सामानों का बहिष्कार करने की मुहीम छेड़ दी है. सोशल मीडिया पर #BoycottChina ट्रेंड कर रहा है. इसी बीच महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने तीन चीनी कंपनियों के साथ करोड़ों रुपये का करार किया है.

महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को 3 चीनी कंपनियों समेत कई अन्य देशों की 12 कंपनियों के साथ 16 हजार करोड़ रुपये के मोमेरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. एक आधिकारिक बयान से पता चला है कि तीनों चीनी कंपनियां तकरीबन 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का महाराष्ट्र में निवेश करेंगी.

उद्धव सरकार ने चीन की  हेंगली इंजीनियरिंग (Hengli Engineering), पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस जेवी विद फोटॉन (PMI Electro Mobility Solutions JV with Photon) और ग्रेट वॉल मोटर्स (Great Wall Motors) के साथ करोड़ों रुपये का एग्रीमेंट साइन किया है.

चीन को जवाब देने की तैयारी

चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच कांफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने 500 से ज्यादा चीनी उत्पादों के बहिष्कार की लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में एफएमसीजी प्रोडक्ट, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, खिलौने, फर्निशिंग फैब्रिक्स, टेक्सटाइल्स, बिल्डर हॉर्डवेयर, फुटवेयर, अपैरल, किचन आइटम्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, घड़ियां, रत्न और आभूषण, स्टेशनरी, कागज आदि हैं.

कैट संगठन ने कहा है कि अगर इन उत्पादों का बहिष्कार या बॉयकॉट होता है तो इससे भारत का आयात घाटा कम हो जाएगा. सीएटी के मुताबिक, इससे चीन के फिनिश्ड गु्ड्स से करीबन एक लाख करोड़ रुपए का आयात घाटा दिसंबर 2021 तक बच सकता है.

बता दें कि ये समझौते भारत-चीन के बीच हुई हिंसक झड़प से कुछ ही घंटे पहले हुए हैं. सीमा पर हुई खूनी झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए हैं. जबकि चीन के भी 45-50 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया जा रहा हैय हालांकि चीन की ओर से अपने सैनिकों को लेकर कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.