मध्यप्रदेश बनेगा देश की हार्टिकल्चर कैपिटल: सीएम कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को मंत्रालय में नाबार्ड द्वारा आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी 2020-21 में स्टेट फोकस पेपर का विमोचन किया. इस अवसर पर सीएम कमलनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश को देश की हार्टिकल्चर कैपीटल बनाने का संकल्प लिया है. उद्यानिकी क्षेत्र किसानों की समृद्धि के द्वार खोलने वाला क्षेत्र है. यह कृषि क्षेत्र का भविष्य है. नाबार्ड को हार्टिकल्चर क्षेत्र में ऋण देने का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम 15 प्रतिशत तक रखना चाहिए. मध्यप्रदेश में बड़ी मात्रा में अनुपयोगी पड़ी राजस्व भूमि का उपयोग उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार में किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कृषि क्षेत्र में भी नई दृष्टि और नई सोच के साथ काम करने की आवश्यकता है. पूरा दृश्य बदल रहा है. पहले छोटे दानों जैसे कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा पर ज्यादा ध्यान नहीं था. आज इन फसलों की प्राथमिकता है. पहले यह गरीबों की खाद्य सामग्री मानी जाती थी अब इनके पोषक तत्वों के कारण बढती मांग के चलते सर्वाधिक उपयोगी साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि नाबार्ड के पास वर्षों का संचित अनुभव और बौद्धिक क्षमता है. इसका उपयोग भविष्य में निर्मित होने वाले परिदृश्य में उपयोगी होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती युवाओं की बेरोजगारी है क्योंकि वे शहरों और गांवों के बीच भटक रहे हैं. युवाओं को नई तकनीक और तकनीकी कौशल से जोडऩा होगा. प्रदेश की कृषि को आधुनिक बनाना होगा. नाबार्ड को अब फसलों के निर्यात पर भी ध्यान देना होगा. कृषि क्षेत्र के भीतर उभरते बाजार पर भी पैनी नजर रखना होगी. नाबार्ड अपने विशेषता को सामान्य रूप से किए जाने वाले कार्यों में उपयोग न करे, खेती की नई तकनीकों पर ध्यान दें. वेयर हाऊस निर्माण और उपार्जन की अधोसंचानाओं के निर्माण पर भी ध्यान दे.

इस अवसर पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक एसके बंसल ने बताया कि नाबार्ड ने वर्ष 2020-21 के लिए एक लाख 98 हजार 786 करोड़ रुपए की ऋण की संभावना का आकलन किया है. यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत ज्यादा है. पिछले साल यह एक लाख 74 हजार 970 करोड़ थी. इस ऋण अनुमान में फसलीय ऋण पर 1,03,005 करोड़ रुपये और टर्म लोन पर 44 हजार 982 करोड़ रुपये ऋण अनुमान है.

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों के लिए लगभग 32 हजार एक करोड़ और प्राथमिकता क्षेत्र जैसे निर्यात ऋण, शिक्षा, आवास, नवकरणीय ऊर्जा और अन्य सामाजिक बुनियादी ढांचे पर 18 हजार 797 करोड़ रुपये ऋण देने का अनुमान है. बंसल ने विभिन्न शेत्रों में विकास की संभावना पर प्रकाश डालते हुए बैंकों का अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया.

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसान उत्पादक संगठनों को सम्मानित किया. इस अवसर पर राज्य शासन और नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी एवं लीड बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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