भगवान शिव समस्त मनोकामनाओं को करते हैं पूर्ण – स्वामी कैलाशानंद

हरिद्वार .श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि देवों के देव महादेव को अति प्रिय श्रावण माह का शुभारम्भ सोमवार से हुआ है और समापन भी सोमवार को ही होगा. ऐसे में यह श्रावण माह विशेष फलदायी है.भक्त इस आध्यात्मिक अवसर का लाभ उठाए.

स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज यहां श्रावण मास के दौरान मंदिर प्रांगण में चलने वाले भगवान शिव को समर्पित विशेष अनुष्ठान के दौरान भक्तों को संबोधित कर रहे थे.अनुष्ठान में जिले के पुलिस कप्तान सेंथिल अबदुई कृष्णराज एस. भी पत्नी के साथ सम्मिलित हुए और भोलेनाथ की पूजा अर्चना व रूद्राभिषेक कर लोक कल्याण की कामना की.

इस मौके पर स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव देवी पार्वती के साथ भू-लोक में निवास करते हैं.श्रावण मास में भगवान शिव की जलहरि में स्वयं भगवती पार्वती निवास करती हैं.इसलिए भगवान शिव के साथ मां भगवती की भी पूजा करनी चाहिए.

श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से वे बेहद प्रसन्न होते हैं.उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन सावन मास में ही हुआ था.जब मंथन से विष निकला तो पूरे संसार की रक्षा करने के लिए भगवान शिव ने उसे अपने कंठ में धारण कर लिया.विष से उनका कंठ नीला पड़ गया.जिससे वे नीलकंठ कहलाए.

स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि अपने कंठ में विष धारण कर संसार की रक्षा करने वाले भगवान शिव कोरोना महामारी से भी पूरे संसार की रक्षा करेंगे.एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस. ने कहा कि सावन के महीने का हिन्दू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्त्व है.सावन माह में सभी को भगवान शिव की पूजा आराधना अवश्य करनी चाहिए.

कावंड़ियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष कांवड़ मेला स्थगित कर दिया गया है.इसलिए सभी शिव भक्त सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए घर पर रहकर ही पूजा अर्चना करें और महामारी को नियंत्रित करने में सहयोग करें.

हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत

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