कोरोना के बीच जगन्नाथ रथ यात्रा, सीएम रूपाणी ने रथ खींचकर किया शुभारंभ, रस्सी खींचने वाले हर शख्स का कोरोना टेस्ट

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नई दिल्ली. कोरोना संकट के बीच ओडिशा के पुरी में आज भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जा रही है. ये रथ यात्रा सुबह 9 बजे से शुरू हो गई है. भगवान जगन्नाथ का खिचड़ी भोग लगाए जाने के बाद ये यात्रा शुरू की गई. गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने रथ खींचकर रथयात्रा की शुरूयात्रा की. कोरोना के चलते मंदिर परिसर के अंदर ही हो रही है रथयात्रा. जगन्नाथ रथ यात्रा पर पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा-

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराना आदेश में बदलते हुए कहा कि कोविड-19 को देखते हुए इस रथ यात्रा में भक्त शामिल नहीं हो रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रथयात्रा के दौरान पुरी में कर्फ्यू लगा दिया जाए, इसके साथ ही कहा है कि एक रथ को 500 से ज्यादा लोग नहीं खींचे. रथ खींचने वाले लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है.

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाए. ओडिशा सरकार ने पुरी में सोमवार रात 9 बजे से बुधवार दोपहर 2 बजे तक फुल लॉकडाउन लगा दिया.  इस दौरान किसी को घर से बाहर निकलने की परमीशन नहीं है.

पुरी में रथयात्रा की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी शुभकामनाएं दी.

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के पुरी में होने वाली जगन्नाथ यात्रा को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दे दी. वहीं सरकार ने सोमवार को हुई सुनवाई में कहा था कि यदि परंपरा टूटती है तो फिर अगले 12 साल तक रथयात्रा नहीं निकलेगी.

इसके साथ ही कहा कि यदि हालात बेकाबू होते दिखाई दें तो ओडिशा सरकार यात्रा को रोक सकती है. साथ ही कहा कि पुरी के अलावा ओडिशा में कहीं और यात्रा नहीं निकाली जाएगी.

इससे पहले सोमवार को कोर्ट ने कहा कि पुरी रथ यात्रा का आयोजन मंदिर समिति, राज्य और केंद्र सरकार के आपसी सामंजस्य के साथ किया जाएगा. इस मामले में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एसए बोवडे ने तीन जजों की बेंच गठित की. इस बेंच में सीजेआई एसए बोवडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी शामिल रहे.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य से समझौता किए बिना मंदिर कमेटी, राज्‍य सरकार और केंद्र सरकार के समन्‍वय से ये आयोजन किया जा सकता है.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य और उनकी सुरक्षा के साथ समझौता नहीं कर सकते. अगर रथ यात्रा के कारण कोविड 19 (Covid 19) का जरा सा भी प्रसार हुआ तो ये देश के लिए विनाशकारी हो सकता है क्‍योंकि इसमें बड़ी संख्‍या में लोग इकट्ठा होते हैं.

इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस (corona Virus) महामारी के चलते ओडिशा के पुरी और अन्य स्थानों पर आयोजित होने वाली रथ यात्रा पर रोक लगा दी थी.

पुरी में भगवान जगन्नाथ (Puri Jagannath Rath yatra) रथयात्रा पर रोक के खिलाफ 20 से ज्यादा याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई है. यह रथयात्रा 23 जून यानी आज से शुरू हो गई है. ओडिशा के पुरी के अलावा भी कई जगह भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाती है. हर साल इस रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान का रथ खींचने के लिए आते हैं.