#ELECTION2019: और दरभंगा में रह गए कीर्ति आजाद…

नई दिल्ली. बिहार में महागठबंधन में सीटों का बंटवारा हो चुका है. महागठबंधन लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था सीटों का पेच सुलझ गया है. दरभंगा, राजद के खाते में आई है तो सुपौल सीट कांग्रेस को दे दी गई है. महागठबंधन में दरभंगा समेत कई अन्‍य सीटों को लेकर तकरार की स्थिति बनी हुई है.

तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीटों को लेकर तस्वीर साफ की. उन्होंने कहा कि महागठबंधन अटूट है. ये सच-झूठ की लड़ाई है.

RJD ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को मैदान में उतारा- दरभंगा से कांग्रेस मौजूदा सांसद कीर्ति आजाद को उतारना चाहती है लेकिन RJD ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को मैदान में उतार दिया है.

शरद यादव को उतारा मैदान में- वहीं आरजेडी ने मधेपुरा से शरद यादव को टिकट दे दिया है. आरजेडी का टिकट नहीं मिलने पर पप्पू यादव ने मधेपुरा में बतौर निर्दलीय भरा पर्चा है.

कांग्रेस कीर्ति आजाद को बेतिया लोकसभा सीट से मिल सकता है टिकट
कांग्रेस कीर्ति आजाद को बेतिया लोकसभा सीट से टिकट दे सकती है. वह दरभंगा से तीन बार सांसद रह चुके हैं.

आरजेडी ने सुपौल में अपना उम्मीदवार उतारने की दी है धमकी, यहां पप्पू की पत्नी रंजीता हैं कांग्रेस से MP हैं.

इन सीटों पर विवाद
दरभंगा-
कांग्रेस कीर्ति आजाद को इस सीट से अपना उम्मीदवार बनाना चाहती थी, लेकिन राजद ने दावेदारी जताते हुए विधायक अब्दुल बारी सिद्दीकी का नाम उम्मीदवार के तौर पर तय कर दिया.

सुपौल- कांग्रेस की रंजीता रंजन सांसद हैं. राजद इस सीट से भी प्रत्याशी खड़ा करने का दावा कर रहा है. क्योंकि मधेपुरा से राजद प्रत्याशी शरद यादव के खिलाफ पप्पू यादव खड़े हो गए हैं.

महागठबंधन में दरार की वजह से पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की कांग्रेस में एंट्री भी गुरुवार को टल गई. उनका कांग्रेस में शामिल होना तय था और इसके लिए गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस भी बुला ली गई थी, लेकिन महागठबंधन के बीच सबकुछ तय नहीं होने के कारण इसे टाल दिया गया.

हालांकि बाद में शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा बाकी कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात की. सिन्हा ने यह भी साफ कर दिया कि हालात जैसे भी हो, वह पटना साहिब से ही चुनाव लड़ेंगे. अब वह 6 अप्रैल को कांग्रेस में शामिल होंगे.

बिहार की चालीस लोकसभा सीटों में 20 आरजेडी, नौ कांग्रेस, पांच आरएलएसपी, तीन हम और तीन विकासशील इंसान पार्टी, वीआइपी के मुकेश सहनी को दी गई है.

%d bloggers like this: