पारंपरिक खेलों के माध्यम से इतिहास से जुड़ने का मौका मिला है : पीएम मोदी

PM Modi
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

कोरोना संकट नहीं आता तो शायद हमें जीवन के महत्व का पता नहीं चलता. लॉकडाउन के दौरान लोग दोबारा जीवन जीना सीखे हैं. हमारे देश में पारंपरिक खेलों की अलग ही पहचान रही है. तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश में कई खेल खेले जाते हैं. दक्षिण भारत से ये गेम दक्षिण एशिया तक फैला. सभी सांप सीढ़ी खेलते हैं, जो भारत गेम का ही रूप है, इसे मोक्षपाटम कहा जाता है.

आज हमारे इंडोर और पारंपरिक गेम्स को स्टार्टअप की जरूरत है. हमारे भारतीय खेल भी लोकल हैं, हम पहले ही लोकल के लिए वोकल हो चुके हैं.

पीएम ने बच्चों के आग्रह करते हुए कहा कि थोडा समय मिले तो अपने घर के दादा दादी नाना नानी का इंटरव्यू अपने फोन में लें. उनसे कई तरह के सवाल करें. बचपन में उनका रहन सहन, खेल, नाटक, खेल संबंधित कई सवाल बड़े बुजुर्गों से पूछें.

उन्हें भी अपनी जिंदगी में जाना आनंदित करेगा. इससे बच्चों को भी 40-50-60 साल पहले के भारत के बारे में जानने को मिलेगा. परिवार के लिए भी ये एक अच्छा पल होगा.

आत्मकथा या जीवनी इतिहास की सच्चाई को जानने के लिए अच्छा माध्यम होता है. ये एक बहुत अच्छा मौका है जब बुजुर्ग भी अपनी जिंदगी के किस्सों को बच्चों को बता सकते हैं.