सतत विकास के लिए स्थायी जीवन शैली अपनाने की जरूरत: जावड़ेकर

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (हि.स.). दुनिया भर में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि एक सतत विकास के लिए जरूरी है कि लोग स्थायी जीवन शैली को अपनाएं. पृथ्वी दिवस के निमित्त उन्होंने लोगों से स्थायी जीवन शैली अपनाने का संकल्प लेने की अपील भी की.

केंद्रीय मंत्री ने बुधवार को ट्विटर के माध्यम से वीडियो संदेश जारी कर लोगों से इस ग्रह को स्वच्छ, स्वस्थ, सुंदर और सद्भावनापूर्ण बनाए रखने की अपील की. उन्होंने अपने संदेश में कहा, ‘यह दिवस हमें विषयवस्तु का ख्याल रखने की याद दिलाते हैं.

पृथ्वी पर आज 700 करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं. पूरी दुनिया में पृथ्वी एक ही ग्रह है जहां मनुष्य की बस्ती है लेकिन उन्हें अपनी जरूरत और इच्छा के बीच फर्क करना सीखना होगा. महात्मा गांधी जी कहते थे कि ये पृथ्वी सबकी जरूरतों को तो पूरा कर सकती है लेकिन सबकी लालसा (लालच) को पूरा कर सकती है.’

प्रकाश जावड़ेकर ने अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचारों को भी साझा किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी भी यही कहते हैं कि अगर दुनिया में जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करना है तो हमें एक सतर्क जीवन शैली को स्वीकारना होगा, जो भारत की विशेषता है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की जीवनशैली मूलत: पर्यावरणपूरक है. ऐसे में जरूरी है कि आज पृथ्वी दिवस के मौके पर हम यह संकल्प करें कि एक सतत विकास का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हम स्थायी और सतर्क जीवन शैली को अपनाएंगे.

हिन्दुस्थान समाचार/आकाश

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