ब्रिटिश काल में बना ऋषिकेश का लक्ष्मण झूला बंद, ये है वजह….

नई दिल्ली. उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी पर ब्रिट्रिश समय में बना लक्ष्मण झूला आम यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया है. नदी पर बने इस पुल की खराब हालत को देखते हुए एहतियातन प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं.

ऋषिकेश के प्रशासन के मुताबिक, पुल पर आम लोगों के आवागमन को अस्थाई रूप से रोका गया है और जल्द ही इसे वापस शुरू किया जा सकता है.

12 जुलाई 2019, उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की ओर से एक आदेश जारी किया गया. लक्ष्मण झूला पुल को बंद किया जा रहा है. पुल पुराना हो गया था. इसकी उम्र भी पूरी हो गई है. विशेषज्ञों की टीम ने सुझाव दिया था कि इसे बंद कर दिया जाए. क्योंकि अब ये और भार नहीं सह सकता है.

गंगा नदी पर बना ये पुल 1923 में बना था. नदी के दोनों हिस्सों को जोड़ने का इस्तेमाल दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग करते हैं. लक्ष्मणझूला, तपोवन क्षेत्र में आवागमन का एकमात्र साधन झूला पुल बंद होने से हजारों लोगों की लाइफ लाइन थम गई है.

17 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है. भारी संख्या में कांवड़िये ऋषिकेश भी पहुंचेंगे. लक्ष्मण झूला पुल बंद होने से लोगों को तो परेशानी होगी ही, प्रशासन को भी दिक्कत हो सकती है. अधिकारियों को लक्ष्मण झूला का विकल्प खोजना होगा.

सर्वे के बाद ये सिफारिश- तकनीकि सर्वे में 95 वर्ष पूराने इस हैंगिग ब्रिज को पब्लिक की आवाजाही के लिहाज से अब असुरक्षित मानते हुए रिपोर्ट भेजी तो सरकार ने इसे बंद करने के आदेश जारी कर कर दिए.

ऋषिकेश में ही फोर व्हीलर से गंगा पार करने के लिए दो अन्य पुल भी हैं. एक हरिद्वार रोड पर बने बैराज का पुल और दूसरी पौड़ी जाने वाले वाहनों के लिए गरुड़चट्टी पर पुल भी बने हैं. लेकिन इन दौनों से पैदल गंगा पार कर दूसरी तरफ पहुंचने के लिए करीब 16 किमी का सफर तय करना पड़ता है.

रामझूला पर बढ़ेगा दबाव- लक्ष्मण झूला से आवाजाही बंद होने पर अब वहां से 3 किमी आगे बने रामझूला पुल पर लोगों की आवाजाही का दबाव बढ़ जाएगा. गंगा पार पौड़ी जिले की सीमा में रहने वाले हजारों परिवारों के बच्चे लक्ष्मणझूल पार कर स्कूल जाते हैं. लक्ष्मण झूला ऋषिकेश की लाइफलाइन बन गया था.

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