1975 के बाद LAC पर बहा खून, इससे पहले इतनी बार हुआ खूनी संघर्ष

India-China Army
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लद्दाख में चल रहे भारत-चीन की तनातनी अब खूनी संघर्ष में बदल चुकी है. गलवान घाटी में सोमवार रात हुई झड़प में तीन भारतीय जवान शहीद हो गए. इसमें एक कर्नल रैंक का अधिकारी भी शामिल है. 1975 के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है, कि हालात इतने बिगड़ गए कि LAC पर खून बहा हो.

इससे पहले साल 1975 में भारत-चीन के बीच इतनी खटास पैदा हुई थी कि बॉर्डर पर भारतीय जवान की शहादत हुई थी. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार गोली नहीं चली. सीमा पथराव हुआ, दोनो देशों के सैनिकों ने बंदूकों की जगह डंडों से एक दूसरे पर हमला किया.

1975 में 4 जवान शहीद हुए थे

आज से पहले 20 अक्टूबर 1975 को अरुणाचल प्रदेश में ऐसे ही हालात पैदा हुए थे. अरुणाचल के तुलुंग ला में असम राइफल की पैट्रोलिंग पार्टी पर चीनी सैनिकों ने हमला कर दिया था. चीनी सैनिकों ने एम्बुश लगाकर हमला जिसमें भारत के 4 जवान शहीद हो गए थे.

1967 में भी जमकर बहा था खून

1962 की जंग के बाद 11 सितंबर 1967 को सिक्किम के नाथू-ला में भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इसके बाद 15 सितंबर 1967 को फिर से भारत-चीन के सैनिक आमने सामने आ गए थे. ये विवाद अक्टूबर 1967 में जाकर थमा था.

चीन ने तब दावा किया था कि भारत के 65 सैनिक शहीद हुए थे. वहीं चो ला झड़प में भारत के 36 जवान शहीद हुए थे. अनुमान है कि पूरे टकराव के दौरान 400 चीनी सैनिकों की भी मौत हुई थी.