जानिए क्यों मनाते है योग दिवस

भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का अपना प्राचीन इतिहास रहा है. भारत हमेशा से चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है. बीच के कुछ कालखंड को छोड़ दे. तो भारत की प्राचीन चिकित्सकीय परंपरा हमेशा से सर्वोपरि रही है.

Yoga with Modi त्रिकोणासन….

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Hindusthan Samachar यांनी वर पोस्ट केले गुरुवार, ६ जून, २०१९

वर्तमान समय में भी देश-दुनिया के लोग इस बात को मानने लगे हैं कि स्वस्थ रहना है तो भारतीय स्वास्थ्य पद्धतियों को अपनाना ही होगा। आयुर्वेद, यूनानी, होमियोपैथी, सिद्धा, प्राकृतिक चिकित्सा, योग एवं सोवा-रिग्पा जैसी चिकित्सा पद्धतियों को संवर्धित करने एवं इनकी पहुंच आमजन तक पहुंचाने के लिए ही भारत सरकार ने अलग से आयुष मंत्रालय बनाया है.

इस कड़ी में आगे बढ़ते हुए भारत सरकार की पहल के कारण योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान जून 2015 में मिली. और पूरी दुनिया ने एक स्वर में 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने पर अपनी सहमति प्रदान की.

तब से योग का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है. योग के लिहाज से 27 सितंबर, 2014 का वह दिन बहुत ही ऐतिहासिक था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग के महत्व पर कहा था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है.

Yoga with Modi पादहस्तासन

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Hindusthan Samachar यांनी वर पोस्ट केले गुरुवार, ६ जून, २०१९

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली. अपने देश के इस प्रस्ताव को महज 90 दिनों में पूर्ण बहुमत से पारित किया गया. योग से जुड़ी कुछ सामान्य जानकारी सबके लिए जरूरी है. आइए जानते हैं.

Yoga with Modi भद्रासन

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Hindusthan Samachar यांनी वर पोस्ट केले शुक्रवार, ७ जून, २०१९

अभ्यास के पूर्व

शौच का अर्थ है शोधन, यह योग अभ्यास के लिए एक महत्वपूर्ण एवं अपेक्षित क्रिया है इसके अंतर्गत आसपास का वातावरण,
शरीर एवं मन की शुद्धि की जाती है.

० योग अभ्यास शांत वातावरण में आराम के साथ शरीर एवं मन को शिथिल करके किया जाना चाहिए.

० योग अभ्यास खाली पेट अथवा अल्पाहार लेकर करना चाहिए। यदि अभ्यास के समय कमजोरी महसूस हो तो गुनगुने पानी
में थोड़ी सी शहद मिलाकर लेना चाहिए.

० योगाभ्यास मल एवं मूत्र विसर्जन करने के उपरान्त प्रारंभ करना चाहिए.

० अभ्यास करने के लिए चटाई, दरी, कंबल अथवा योग मैट का प्रयोग करना चाहिए.

० अभ्यास करते समय शरीर की गतिविधि आसानी से हो, इसके लिए सूती के हल्के और आरामदायक वस्त्र पहनना चाहिए.

० थकावट, बीमीरी, जल्दबाजी एवं तनाव की स्थिति में योग नहीं करना चाहिए.

० यदि पुराने रोग, पीड़ा एवं हृदय संबंधी समस्याएं हों तो ऐसी स्थिति में योग अभ्यास शुरू करने के पूर्व चिकित्सक अथवा योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए.

० गर्भावस्था एवं मासिक धर्म के समय योग करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए.

योगाभ्यास में सावधानियां

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को ध्यान में रखकर सामान्य योग अभ्यासक्रम (प्रोटोकॉल) नाम से एक पुस्तक का प्रकाशन किया है. इस पुस्तक में योगाभ्यास के लिए सामान्य दिशा निर्देश दिए गए हैं. इन निदेर्शों का पालन बहुत जरूरी है. इन निर्देशों को संक्षेप में आइए जानते हैं.

अभ्यास के समय

० अभ्यास सत्र प्रार्थना अथवा स्तुति से प्रारंभ करना चाहिए क्योंकि प्रार्थना अथवा स्तुति मन एवं मस्तिष्क को विश्रांति प्रदान
करने के लिए शांत वातावरण निर्मित करते हैं.

० योग अभ्यास आरामदायक स्थिति में शरीर एवं श्वास-प्रवास की सजगता के साथ धीरे-धीरे प्रारंभ करना चाहिए.

० अभ्यास के समय श्वास-प्रवास की गति नहीं रोकनी चाहिए,
जब तक कि आपको ऐसा करने लिए विशेष रूप से कहा
न जाए.

० श्वास-प्रवास सदैव नासारन्ध्रों से ही लेना चाहिए, जब तक
कि आपको अन्य विधि से श्वास-प्रवास लेने के लिए न कहा जाए.

साभार युगवार्ता

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