ETHIOPIAN AIRLINE का क्रैश हुआ BOEING 737 MAX क्यों है बाकि विमानों से अलग

  • पांच महीने में बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दूसरी बार हादसे का शिकार हुआ है
  • इस हादसों के बाद Boeing 737 Max 8 की सुरक्षा पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं

नई दिल्ली. इथोपिया विमान हादसे के बाद दुनिया भर के कई देशों ने बोइंग के सबसे उन्नत माने जाने वाले पैसेंजर विमान BOEING 737 MAX को बैन कर दिया हैं. रविवार को हुए विमान हादसे में चार भारतीय नागरिक समेत कुल 157 लोगों की मौत हो गई. ये हादसा उस वक्त हुआ जब विमान ने इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से नैरोबी के लिए उडान भरी थी.

बीते करीब पांच महीने में बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दूसरी बार हादसे का शिकार हुआ है . इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में लायन एयरलाइन का इसी कैटेगरी का विमान इंडोनेशिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें भारतीय पायलट समेत 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी .

इसलिए भारत ने भी पैसेंजर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोइंग 737 मैक्स 8 विमान के परिचालन पर रोक लगा दी हैं. मिनिस्टरी ऑफ सिविल एविऐशन ने ट्विटर पर कहा कि डीजीसीए ने बोइंग 737 मैक्स विमानों के उड़ान भरने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. ये विमान तब तक उड़ान नहीं भरेंगे, जब तक कि सुरक्षित से जुड़े तमाम उपाय नहीं कर लिए जाते .

इस हादसों के बाद Boeing 737 Max 8 की सुरक्षा पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि जो विमान हादसे का शिकार हुआ वो इस सीरीज का सबसे नया विमान है. कंपनी यह दावा करती है कि इसमें लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को यूज किया गया है. कम्पनी इसे अपना सबसे उन्नत विमान बताती है. Boeing 737 Max 8 को लंबी दूरी तय करने के लिए जाना जाता है.

Boeing 737 Max सभी एयरलाइन की पहली पसंद इसलिए भी है क्योंकि इसमें इंधन की खपत काफी कम होती है. इसके कम खर्च की वजह से ही ज्यादातर एयरलाइन ने बोइंग 737 मैक्स में अपनी दिलचस्पी दिखाई. बोइंग 737 मैक्स दुनिया के सबसे पसंदीदा विमानों में गिना जाता है. पैसेंजर के कम्फर्ट के मामले में इस विमान को काफी बढ़िया माना जाता है.

बोइंग 737 मैक्स-8 का कॉमर्शियल इस्तेमाल 2017 में ही शुरू हुआ था और सुरक्षा को लेकर कंपनी ने बड़े-बड़े दावे भी किए थे. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक एविएशन एक्सपर्ट का मानना है कि पिछले मॉडल की तुलना में 737 मैक्स का इंजन थोड़ा आगे है और विंग्स के मुक़ाबले इसकी ऊंचाई कुछ अधिक है. इससे विमान का संतुलन प्रभावित होता है.

हालांकि कम्पनी अपने इस विमान में किसी भी तरीके की तकनीकी खामी से इंकार करती रही है. भारत में जेट एयरवेज और स्पाइस जेट के पास इस मॉडल के कुल 17 विमान हैं. इस हादसे के बाद पूरी दुनिया में अब तक 40% बोइंग 737 मैक्स विमान खड़े कर दिए गए. दुनियाभर के 100 से ज़्यादा एयरलाइंस ने पांच हज़ार से ज़्यादा विमानों के ऑर्डर दे रखे है.

इसके डैने नई तकनीक से डिजाइन किए गए हैं, जिससे उड़ान के दौरान पैसेंजर्स को कम झटके महसूस होते हैं. 737 मैक्स इस सिरीज़ के बाकि विमानों के मुकाबले ज़्यादा दूरी तय कर सकता है. इसके विशेष इंजन कम शोर करते हैं. साथ में वातावरण को हानि पहुंचाने वाली गैसों का उत्सर्जन भी कम करते हैं. पायलट के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं.

जिस विमान को बोइंग सबसे उन्नत विमान बताता है उसी विमान ने बोइंग की परेशानियों में और इजाफा कर दिया है. अमेरिका बोइंग को पहले ही चेता चुका है कि अगर इस विमान में कोई भी खामी पाई गई तो कम्पनी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. इस हादसे की वजह से बोइंग के मार्किट शेयर में भी गिरावट दर्ज की गई है.

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