बिहार में अपराधियों के लिए खौफ का एक नया नाम है ये लेडी IPS ऑफिसर

उनका नाम सुनकर बड़े-बड़े अपराधियों के होश उड़ जाते हैं, वो जिधर से गुजरती हैं वहां से 100 किलोमीटर दूर भी अगर कोई अपराधी है तो वो थर-थर कांपने लगता है. बिहार में अपराधियों के लिए खौफ का एक नया नाम है IPS लिपी सिंह , जिन्हें बिहार का लेडी सिंघम कहा जाता है. वो एक के बाद एक ऐसे कारनामें कर रही हैं जो अब से पहले ना किसी ने किए और ना ही कोई करने की सोच सकता है

आज हम आपको लेकर चलते हैं बिहार. जहां की लेडी अपराधियों पर करती है surgical strike. इनकी परवरिश भले ही सियासी घराने में हुई हो पर अब ये अपराधियों के छक्के छुड़ाती हैं. सामान्य कद काठी और मासूम सी दिखने वाली महिला Ips अधिकारी लिपी सिंह अचानक से चर्चा में आ गईं हैं. इसके पीछे की वजह है बिहार का बाहुबली अनंत सिंह. वही अनंत सिंह जिसपर अपहरण औऱ हत्या जैसे कई गंभीर आरोप हैं. लिपी सिहं ने अब अनंत सिंह जैसे बाहुबली के नाक में भी दम कर रखा है.

इन दिनों मिशन ‘अनंत’ को लेकर भी वो सुर्खियां बटोर रही हैं. वो अनंत सिंह जिसके खौफ से क्षेत्र के लोग अपना मुंह नहीं खोलते जिसके घर से कुछ समय पहले हैंड ग्रेनेड और एके 47 बरामद हुई. छापा मारने वाली टीम को लीड कर रहीं थी ASP लिपी सिंह. अनंत सिंह का खौफ इतना कि भीड़ में खड़ा कोई व्यक्ति गवाही देने को तैयार नहीं होता. इसी अनंत की गिरफ्तारी के लिए लिपी सिंह ने कमर कस ली है.

2016 बैच की IPS अधिकारी लिपि सिंह का काम और काम करने का अंदाज ऐसा कि उसे देखकर आपको लगेगा कि देश के हर हिस्से में लिपी सिंह जैसा ही पुलिस अधिकारी होना चाहिए. फिलहाल पटना के बाढ़ में लिपी सिंह की तैनाती से यहां की कानून व्यवस्था काफी चुस्त हो गई है.

लिपि सिंह को नालंदा जिले से पहली महिला आईपीएस आफिसर बनने का गौरव प्राप्‍त हुआ है. 33 साल की लिपी सिंह जेडीयू के सांसद आरसीपी सिंह की बेटी हैं वो मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के निकट सहयोगी और पूर्व IAS भी हैं. उन्‍होंने यूपी काडर में लंबे समय तक काम किया था. आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के कहने पर आईएएस की नौकरी छोड़ दी और फिर जेडीयू ज्वाइ की.

लिपि सिंह ने दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है. आईपीएस बनने के पहले भी लिपि सिंह का सेलेक्‍शन एलायड सर्विस के लिए हो गया था. लेकिन अपनी मेधा शक्ति को लेकर कांफिडेंट रही लिपि ने सर्विस ज्‍वाइन करने के बजाय फिर से परीक्षा दी और आईपीएस बन गई.

पटना के बाढ़ जिले की asp लिपी सिंह जब सड़कों और हाईवे पर अपनी टीम के साथ गश्त पर निकलती हैं तो बिना लाइसेंस और हेलमेट के चलने वालों की शामत आ जाती है. उनके रहते कोई नियम और कानून नहीं तोड़ सकता.

लिपी सिंह की कार्यवाही से अपराधी क्या नेता तक नहीं बच पाए. बिहार के बाढ़ इलाके में शराब माफियों से लेकर खनन माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ उन्होंने अभियान छेड़ा रखा है. इन सभी की इलाके में कमर टूट चुकी है. लिपी ने अपने 8 महीने के कार्यकाल में 100 से ज्यादा हथियारों की बरामदगी की है. 700 से ज्यादा फरार और वारंट निकले हुए अपराधी पकड़े गए हैं. इतनी ही नहीं 10 सालों से फरार अपराधियों को भी पकड़ा जा चुका है जिनका नाम जिले के टॉप अपराधियों की सूचि में था वो एक एक कर हवालात पहुंच रहे हैं.

लिपी लापरवाही भी बर्दाश्त नहीं करती हैं. जब एक आपराधी पुलिस की custody से भाग निकला तो लिपी सिंह ने पूरे थाने को ही suspend कर दिया था. वो अपराधियों को ही नहीं पकड़ती हैं बल्कि आम लोगों की समस्याओं को भी सुनकर उनका निवारण करती हैं. लिपि के बारे में कहा जाता है कि वो अपने अधिकारियों को आदेश देने की बजाए अधिकांश ऑपरेशन को खुद लीड करती हैं…देश को ऐसी अफसरों पर गर्व है.

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