केजरीवाल ने विज्ञापनों पर उड़ाया जनता का पैसा, कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है. सभी राज्यों की सरकारें कोरोना से पार पाने के लिए हर तरह की कोशिशों में जुटी हैं..लेकिन देश की दिलदार कही जाने वाली दिल्ली को कोरोना की नजर लग गई है.

केजरीवाल ने खाली किया खजाना- चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाले मफलर मैन माफ कीजिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का खजाना खाली हो गया है. जी हां कोरोना काल में दिल्ली की केजरीवाल सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने के पैसे नहीं है.

कहा था नहीं है फंड की कमी- अभी कुछ समय पहले ही केजरीवाल ने कहा था कि पैसे की कोई कमी नहीं है. लेकिन अब आम आदमी पार्टी केंद्र सरकार से मदद मांग रही है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने राजस्व की कमी के कारण केंद्र से 5,000 करोड़ रुपए की मदद मांगी है.

विज्ञापनों पर खूब खर्च किया पैसा- ये भी किसी से छिपा नहीं है कि केजरीवाल ने खूब चुनावी हथकंडें अपनाए. अपने प्रचार के लिए विज्ञापनों पर खूब खर्च किया….तो अब क्या होगा…..क्या उन्होंने सारा पैसा अपने विज्ञापनों पर खर्च कर दिया है, भले ही उनका कहना हो की दिल्ली में बेड की कोई कमी नहीं , दवाईयों की कोई कमी नहीं. हम दिल्ली वालों के लिए कोरोना संकट में खड़े हुए हैं.

विपक्ष मांग रहा है हिसाब-बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार पर विज्ञापन पर फिजुलखर्ची करने का आरोप लगाए हैं. वहीं सीएम अरविंद केजरीवाल के पूर्व सहयोगी कुमार विश्वास ने कोरोना वायरस से निपटने में नाकामी का आरोप लगाया…

अपनी तस्वीरें देखने का नशा- कभी केजरीवाल के करीबी रहे और वर्तमान में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा का कहना है कि केजरीवाल को टीवी पर सुबह शाम सिर्फ खुद का चेहरा देखने का नशा, अखबारों में सिर्फ खुद की फ़ोटो का नशा, रेडियो पर सिर्फ खुद की आवाज का नशा है…. विज्ञापनों में करोड़ो-अरबों फूंक कर नशे में मस्त केजरीवाल कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए पैसा नहीं होने का रोना-रो रहे हैं.

मदद देने पर नहीं ली मदद- नासमझी का आलम क्या है , वो इस बात से समझिए कि शुरू में जब सांसद निधि पर रोक नहीं लगी थी तब पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने अपने सांसद फंड से एक करोड़ रुपए देने को कहा तो केजरीवाल ने कहा कि पैसे की कमी नहीं है…..अब केजरीवाल कह रहे हैं कि पैसा ही नहीं है, वेतन कहां से देंगे…..

कोई केजरीवाल से पूछे कि आप कैसे आयकर अधिकारी रहे हैं कि आपको अंदाजा नहीं था कि लॉकडाउन से राजस्व खत्म हो जाएगा, जो आप दम भर रहे थे कि पैसे की कमी नहीं है?…..जब मजदूर पलायन कर रहे थे तब बोल रहे थे रूक जाइए पैसा और खाना देंगे.. फिर बोलते हैं विदेश से जो लोग लाए जा रहे हैं उन्हें क्वरैंटाइन का खर्चा खुद ही उठाना होगा…. जब मदद की पेशकश की जाती है तो ये कहते हैं बहुत पैसा है , पैसे की कमी नहीं….

बड़ी ही कन्फ्यूजन की स्थिति है- दिल्ली सरकार कोरोना वायरस से लड़ाई को व्यवस्थित तरीके से लड़ने की बजाय कई किस्म के कंफ्यूजन पैदा कर रही है…, कभी पूरी दिल्ली खोलने की बात करते हैं तो कभी बॉर्डर खोलने के लिए मना करते हैं.. कभी मदद के लिए इंकार कर देते हैं, तो कभी कहते हैं कि केंद्र की सरकार हमारी मदद नहीं कर रही…

ऐसा पहली बार लग रहा है कि केजरीवाल को असल में समझ ही नहीं आ रहा है क्या करना है…. अब देखते हैं की हमेशा केंद्र के खिलाफ रोना रोने वाले इन समस्याओं से कैसे निकलते हैं…..जिस तरह से दिल्ली में कोरोना संक्रमण के केस बढ़ रहे हैं, उससे तो दिल्ली वालों के साथ-साथ पूरे देश में दहशत का माहौल पैदा हो गया है.

Leave a Reply

%d bloggers like this: