कानपुर-फिरौती लेने के बाद भी दोस्तों ने कर दी लैब असिस्टेंट की हत्या

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नई दिल्ली. कानपुर के बर्रा के लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. अपहरणकांड के 31वें दिन इसका खुलासा हुआ. पुलिस ने चार आरोपितों को दबोच लिया है पर शव नहीं मिला है.

कानपुर पुलिस ने बताया कि संजीत की हत्या हो चुकी है, हालांकि उसका शव अब तक बरामद नहीं किया जा सका है. गुरूवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक इन्होंने कुबूल किया है कि संजीत की हत्या 26 या 27 जून को ही हत्या कर दी गई थी और पांडु नदी में शव को बहा दिया. अब अलग-अलग टीम गठित करके शव की तलाश की जा रही है.

पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था. उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है. 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वो संजीत को अपने कमरे पर लाया. इसके बाद उसे बंधक बना लिया.

चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसको बंधक बनाकर रखा. इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी. इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया.

कानपुर के बर्रा लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का 22 जून को अपहरण किया गया था और उसे रिहा करने के बदले में 30 लाख रुपए फिरौती मांगी गई थी. पुलिस ने अपहर्ताओं से संजीत को छुड़ाने के लिए बदमाशों को फिरौती भी दिलवा दी थी, लेकिन उस युवक की जान नहीं बचाई जा सकी.

बता दें कि पुलिस के फिरौती दिलाने की खबरों के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक ने ट्वीट किए थे. अखिलेश यादव ने गुरुवार को भी ट्वीट कर संजीत की सकुशल वापसी की कामना की थी.

बर्रा पांच निवासी लैब टेक्नीशियन संजीत यादव 22 जून की देर शाम से लापता था. दो दिन तक संजीत का कोई सुराग न लगने पर परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई थी. लाचार और परेशान परिजन उसे छुड़ाने के लिए चौकी प्रभारी, थानेदार से लेकर पुलिस अधीक्षक तक के चक्कर लगाते रहे.परिजनों ने बर्रा पुलिस से लेकर एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता तक गुहार लगाई.

इस घटना के बाद एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इंस्पेक्टर रणजीत राय को निलंबित कर दिया था. इसके बाद एसओजी, सर्विलांस टीम और कई थानों की पुलिस खुलासे में लगाई गईं. इसके बाद भी संजीत को बचाया नहीं जा सका.