JAMIA MILLIA में नहीं लागू होगा 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण, ये है वजह

सवर्ण आरक्षण मिलने के बाद आपको भी उम्मीद थी कि हर एचुकेशनल इंस्टिट्यूट में आपको रिजर्वेशन के जरिए एडमिशन मिल जाएगा तो सतर्क हो जाएं.

 जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिर्सिटी में 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण नहीं दिया जाएगा. जामिया ने एक आधिकारिक बयान जारी कर यह जानकारी दी है.

बीते दिनों आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए केंद्र सरकार की नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का फैसला किया गया था. यह फैसला 1 फरवरी से लागू हो गया है. 

वहीं, आगामी 2019-20 के शैक्षणिक वर्ष शैक्षणिक संस्थानों में भी लागू हो जाएगा. लेकिन जामिया मिलिया इस्लामिया अपने कॉलेज में आर्थिक आधार पर पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं देगी.

जामिया ने आधिकारिक बयान जारी कर इसकी वजह का भी खुलासा किया है. यूनिवर्सिटी ने इसके पीछे की वजह ‘अल्पसंख्यक दर्जा’ बताया गया है.

जारी हो चुका आफिशियल नोटिफिकेशन

MHRD की ओर से 17 जनवरी को इस संबंध में एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के लिए मेमोरेंडम जारी हो चुका है. इस मेमो साफतौर पर लिखा गया था कि जिन संस्थानों के पास अल्पसंख्यक दर्जा है, उन पर 10 प्रतिशत कोटे का आरक्षण लागू नहीं होगा. 

अल्पसंख्यक संस्थान होने के कारण जामिया में ओबीसी कोटे का लाभ नहीं मिल सकेगा. जामिया के अल्पसंख्यक दर्जे का मामला कोर्ट में चल रहा है.

जामिया के पीआरओ अहमद अजीम ने मीडिया को बताया कि देश में सिर्फ जामिया समेत कई अन्य अल्पसंख्यक इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी भी हैं. इन सभी यूनिवर्सिटीज़ और इंस्टीट्यूटस में सवर्ण आरक्षण को लागू नहीं किया जाएगा.

जामिया के एक मेंबर का कहना है कि हमारे इंस्टीट्यूट को अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त है. ऐसी स्थिति में ईडब्लूएस कोटा हमारे उपर लागू नहीं होता है.

यूजीसी ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि कुछ संस्थान और अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त संस्थान इस नए सिस्टम के तहत नहीं आते हैं. जामिया में पहले से ही ओबीसी कोटा का लाभ भी नहीं दिया जाता है.

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