लॉकडाउन के बाद भी जामिया में वेबिनार, स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं पर हुई चर्चा

Jamia | Hindi News.
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

कोरोना संकट महामारी के बीच इन दिनों स्कूल-कॉलेज बंद हैं. मगर ऑनलाइन माध्यम से कोशिश की जा रही है कि छात्रों को पढ़ाई का नुकसान न उठाना पड़े.

इसी बीच जामिया मिल्लिया इस्मालिया यूनिवर्सिटी के विधि विभाग ने कोरोना महामारी के बीच “स्वास्थ्य आपात स्थितियां और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार संभावनाएं तथा चुनौतियां” विषय पर दूसरे वेबिनार का आयोजन किया.

गौरतलब है कि इस साल यूनिवर्सिटी का शताब्दी वर्ष समारोह मनाया जा रहा है. इसी के तहत सेमिनार का भी आयोजन किया गया. कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने इस सेमिनार का उद्घाटन किया. उन्होंने अकादमिक गतिविधियों को ऑनलाइन जारी रखने के लिए विधि संकाय को शुभकामनाएं भी दी.

इस मौके पर फैकल्टी ऑफ लॉ के एसोसिएट प्रोपेसर और वेबिनार के संयोजक डॉ. गुलाम यज़दानी ने वेबिनार की शुरूआत की. इस दौरान फैकल्टी के एसोसिएट प्रोफेसर और वेबिनार के मॉडरेटर डॉ. सुभदीप्त सरकार ने बताया कि इस वेबिनार में स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों के अलग अलग औषधीय, कानूनी पहलुओं और भारत में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति पर चर्चा की गई.  

वेबिनार में मौजूद पैनलिस्टों ने भारत में कोरोना से निपटने के लए किए जा रहे अच्छे प्रयासों को सराहा. साथ ही बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति और प्रशासनिक कमियों का भी जिक्र किया. जेएन मेडिकल कॉलेज एएमयू के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नफीस फैज़ी ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बेहतर बनाने और निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का नियमन करने पर जोर दिया.

इस वेबिनार में लॉ फैकल्टी के शिक्षकों, अकादमिक क्षेत्र के जाने माने लोगों, विभिन्न लॉ स्कूलों और जामिया के छात्रों की उत्सावर्धक हिस्सेदारी रही. कुलपति ने अकादमिक गतिविधियों के सतत प्रवाह को बनाए रखने के प्रयासों के लिए जामिया प्रशासन का आभार व्यक्त किया.

वेबिनार में पैनलिस्ट में संजय हेगड़े (सीनियर एडवोकेट, उच्चतम न्यायालय), आशा कश्यप (संस्थापक, कश्यप पार्टनर्स एंड एसोसिएट्स एलएलपी), डॉ नफीस फैज़ी (असिस्टेंट प्रोफेसर, जेएन मेडिकल कॉलेज एएमयू) और धवानी मेहता (सीनियर रेजिडेंट फेलो, विधी सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी) आदि शामिल थे.