#PulwamaAttack: 40 जवानों को खोने के बाद CRPF काफिले को लेकर बदले गए थे नियम

पुलवामा हमले (Pulwama Attack) के एक साल बीत गए हैं. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. CRPF के दस्ते पर हुए इस आत्मघाती हमले के बाद जवानों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे. जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी सवाल उठाया कि इतने बड़े काफिले का मूवमेंट नहीं होना चाहिए था. पुलवामा हमले के बाद CRPF ने अब ज्यादा सतर्कता बरतने का फैसला लिया है.

पुलवामा हमले के बाद फौज की मूवमेंट को लेकर नियमों में बदलाव किए गए. इस आत्मघाती हमले के बाद CRPF के तत्कालीन महानिदेशक आरआर भटनागर ने कहा था कि हमने कश्मीर में हमारे काफिले की आवाजाही में नए नियम जोड़ने का निर्णय किया है. उन्होंने कहा कि यातायात नियंत्रण के अलावा काफिले के गुजरने के समय, उनके रुकने के स्थानों पर तथा सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस सहित सुरक्षा बलों के साथ समन्यवय में आवागमन में बदलाव किया जाएगा.

हमले के बाद स्थिति का जायजा लेने कश्मीर पहुंचे तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि अब सुरक्षा बलों का काफिला गुजरते वक्त आम ट्रैफिक रोका जाएगा. उन्होने कहा था कि आवाजाही पर कुछ वक्त के लिए रोक लगा दी जाएगी.

नए नियमों के अनुसार

काफिले के मूवमेंट के दौरान आम लोगों की गाड़ियों पर रोक लगाई जाएगी. जब सेना का काफिला गुजर रहा होगा तो आम लोगों की गाड़ियों को रोकने की जिम्मेदारी पुलिस की होगी. काफिला गुजरने के वक्त 15-20 मिनट के लिए ट्रैफिक ब्लॅाक कर दिया जाएगा. इस दौरान आम लोगों के लिए आवागमन बंद रहेगा.

सेना, पुलिस और सीआरपीएफ कॅारडिनेशन के साथ काफिले के मूवमेंट को और सुरक्षित बनाएंगे. कोई लाइन पार न करें इसलिए सेना के काफिले की गाड़ियों पर लाल झंडे लगाए जाएंगे. यदि कोई लाल झंडे को क्रॅास करेगा तो उसे दुश्मन माना जाएगा.

सीआरपीएफ रोड ओपनिंग पार्टी बनाने का काम जारी रखेगी. आर्मी हाईवे डॉमिनेशन टीम सेना के काफिले को आगे और पीछे सुरक्षा देंगी. नया नियम तोड़ने वालों और ओवरटेक की कोशिश करने वाली किसी भी गाड़ी को शत्रु समझा जाएगा.

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