Janmashtami 2020: भूलकर भी ना देखें श्री कृष्ण की पीठ, जानिए वजह

shri krishna
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जन्माष्टमी का त्योहार शुरु हो चुका है क्योंकि पंचांग के अनुसार, जन्माष्टमी 11 अगस्त सुबह 09.07 से शुरू होकर अगले दिन सुबह 11.17 तक रहेगी. कोरोना की वजह से इस बार जन्माष्टमी का मजा किरकिरा हो गया है ना ही बाजारों में पहले जैसी रौनक है ना ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ है फिर भी कुछ भक्त मंदिर जरुर जाएंगे तो मंदिर जाने से पहले एक बात जानना बेहद जरुरी है कि आप भूलकर भी श्री कृष्ण की पीठ ना देखें ऐसा करने से आप पाप के भागी बन सकते हैं

जानिए वजह

पौराणिक कथा के अनुसार जब श्रीकृष्ण जरासंध से युद्ध कर रहे थे तब जरासंध का एक साथी असूर कालयवन भी भगवान से युद्ध करने आ पहुंचा. कालयवन को भगवान सुदर्शन चक्र से नहीं काट सकते थे क्योंकि कालयवन ने पिछले जन्म बहुत पूण्य किए थे और जब तक पूण्य का फल भोगना रह जाता है तब तक श्री कृष्ण उन्हें दंड नहीं दे सकते थे.

युद्ध बढ़ता देख कृष्ण वहां से भाग निकले और कालयावन उनके पीछे भागा. कृष्ण की पीठ देखने के कारण उसका अधर्म बढ़ गया क्योंकि भगवान की पीठ में अधर्म का वास होता है.

कृष्ण के पीछे भागने से कालयवन के पुण्य खत्म हो गया तो कृष्ण एक गुफा में चले गए, जहां मुचुकुंद नामक राजा निद्रासन में था. मुचुकुंद को देवराज इंद्र का वरदान था कि जो भी व्यक्ति राजा को निंद से जगाएगा और वो उनकी नजर पड़ते ही भस्म हो जाएगा.

कृष्ण ने गुफा में जाकर अपनी एक पोशाक मुचुकुंद को उढ़ा दी. इसके बाद कालयवन ने मुचुकुंद को कृष्ण समझकर उठा दिया और राजा की नजर पड़ते ही राक्षस वहीं भस्म हो गया. इसीलिए कहा जाता है कि भगवान की पीट कभी ना देखें ऐसा करने से आप अधर्म के भागी हो जाएंगे.