जनसंघ नेता नानाजी देशमुख की 104वीं जयंती आज, तमाम बड़े नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Nanaji Deshmukh
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भारतीय जनसंघ के संस्थापक और भारत रत्न नानाजी देशमुख की आज (रविवार को) 104वीं जयंती है. इस अवसर पर राष्ट्रपति कोविंद, उप-राष्ट्रपति और पीएम मोदी सहित तमाम बड़े नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी.

उप-राष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने नानाजी देशमुख को नमन करते हुए कहा नानाजी का जीवन समाज सेवकों के लिए अनुकरणीय है. उपराष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा कि महान समाज सेवी नानाजी देशमुख की जयंती के अवसर पर उनके जीवन आदर्शों और कृतित्व को सादर नमन.

उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति निष्ठा और समाज के दुर्बल वर्गों एवम् ग्रामीण विकास के लिए समर्पित उनका जीवन, सामाजिक और सार्वजनिक क्षेत्र में काम कर रहे हर कार्यकर्ता के लिए अनुकरणीय उदाहरण रहा है.

पीएम मोदी ने लिखा कि महान नानाजी देशमुख लोकनायक जेपी के परम शिष्‍यों में से एक थे. उन्‍होंने जेपी के विचारों और आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए अनथक परिश्रम किया. ग्रामीण विकास के प्रति उनका काम हमें प्रेरित करता है. मोदी सरकार ने 2019 में देशमुख को भारत रत्‍न से सम्‍मानित किया था.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा कि भारत रत्न नानाजी देशमुख जी ने देश की मूल समस्याओं के समाधान व ग्रामीण भारत के विकास के लिए पूरा जीवन अर्पित किया और अपने उच्च आदर्शों से भारतीय राजनीति को सुशोभित किया. उनका संगठन कौशल, त्याग और ग्रामीण स्वराज का संकल्प हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. ऐसे राष्ट्रऋषि को नमन.

बता दें कि 11 अक्टूबर 1916 को नानाजी देशमुख का जन्म महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के कंडोली गांव में हुआ था. वे भारतीय जनसंघ के नेता थे. 1977 में जब जनता पार्टी की सरकार बनी, तो उन्हें मन्त्रिमण्डल में शामिल किया गया. लेकिन उन्होंने 60 साल से ज्यादा उम्र होने के कारण मन्त्री-पद ठुकरा दिया था.