भारत-चीन विवाद के बीच जोजिला टनल का निर्माण प्रारंभ, LoC-LAC तक पहुंचना आसान होगा

Zozila Tunnel
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चीन के बाद भी भारत बॉर्डर के पास रोड बनाने के काम को रोक नहीं रहा है. चीन के लाख दबाव के बाद भी भारत झुकने का नाम नहीं ले रहा है. लद्दाख में बार्डर को लेकर विवाद चल रहा है, इसी बीच भारत ने लद्दाख में एक और महत्वपूर्ण टनल का काम शुरू कर दिया है.

इस टनल का नाम है जोजिला टनल. ये टनल कारगिल को कश्मीर से जोड़ेगी. इस सुरंग के निर्माण कार्य का शुभारंभ सड़क-परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बटन दबाकर एक ब्लास्ट करके किया. 14.15 किलोमीटर लम्बी ये टनल सामरिक रूप से देश के लिए काफी महत्वपूर्ण है.

इसे एशिया की दो दिशा वाली सबसे लंबी टनल माना जा रहा है. इस टनल का निर्माण पूरा होने के बाद लद्दाख की राजधानी लेह और जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बीच पूरे साल आवागमन करना संभव हो जाएगा. इसके साथ ही दोनों के राजधानियों के सफर में तकरीबन 3 घंटे का समय कम लगेगा.

इस टनल के निर्माण के बाद भारतीय सेना को मूवमेंट में काफी सहूलियत हुआ करेगी. इस टनल का निर्माण होने के बाद भारतीय सेना को पाकिस्तान और चीन दोनों के खिलाफ एक साथ मुकाबला करने में सक्षम हो जाएगी.

3 घंटे का सफर कम हो जाएगा

लेह-लद्दाख में सर्दियों के दिनों में भारी बर्फबारी होती है. तकरीबन 6 महीने तक कारगिल और लेह-लद्दाख का संपर्क एकदम कट सा जाता है. सेना को इन इलाकों में जाने काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सैकड़ों किलोमीटर का सफर जवानों को पैदल ही करना पड़ता है.

इस टनल का निर्माण हो जाने के बाद दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में शामिल जोजिला-दर्रा का सफर भी आसान हो जाएगा. करगिल और श्रीनगर के बीच आवाजाही सालभर सुचारू रह सकेगी. टनल के निर्माण के बाद तीन घंटे की दूरी 15 मिनट में तय हो जाएगी. जिससे हमारी सीमाएं काफी ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगी.

6808 करोड़ की लागत लगेगी

इस पूरे प्रोजेक्ट के निर्माण में 6808.63 करोड़ रुपये की लागत आएगी. सुरंग के निर्माण में 6 साल का समय लगेगा, जबकि एप्रोच रोड को बनाने में 2.5 साल लगेंगे. जोजिला टनल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पूरा लेह-लद्दाख, करगिल-द्रास और सियाचिन सालों भर देश के बाकी हिस्सों से सड़क मार्ग से जुड़ा रहेगा.

अभी इनमें से कई क्षेत्रों में सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी साल के 6 महीने तक ही हो पाती है. सर्दियों के मौसम में यहां जाने वाली मौजूदा सड़कें बर्फ से ढक जाती हैं, लेकिन ये सुरंग इस समस्या को दूर कर देगी. इस नए सुरंग की मदद से इन इलाकों में सेना की मूवमेंट बेहद आसान हो जाएगी.