Jammu-Kashmir Reservation Amendment राज्यसभा में हुआ पेश, विरोधियों का भी मिला समर्थन

लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल (Jammu-Kashmir Reservation Amendment) पेश किया. इसके साथ ही राज्यसभा में उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन (President Rule) को बढ़ाने का प्रस्ताव भी पेश किया. उच्च सदन में बिल पेश होने के बाद उसपर चर्चा चल रही है.

गृहमंत्री शाह ने विधेयक को पेश करते हुए कहा कि इस विधेयक के पास होने से जम्‍मू कश्‍मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले 435 गांवों के युवाओं को फायदा मिलेगा. इसके साथ ही गृहमंत्री ने राष्ट्रपति शासन बढ़ाने की वकालत करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. हालांकि इस दौरान उन्होंने राज्य में विधानसभा चुनाव कराने का निर्णय चुनाव आयोग पर छोड़ने की बात कही.

गृहमंत्री ने कहा कि मैं प्रस्ताव लेकर आया हूं कि जम्मू-कश्मीर के अंदर राष्ट्रपति शासन की अवधि कल समाप्त हो रही है उसको और 6 माह के लिए बढ़ाया जाए.

विरोधियों ने किया समर्थन

राज्यसभा में इस बिल पर तीखी बहस करते हुए बीजेपी की कई कट्टर विरोधी पार्टियों ने इस बिल का समर्थन किया है. समाजवादी पार्टी, टीएमसी और आरजेडी सहित विपक्ष के कई दलों ने इस बिल का समर्थन किया.

समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि कल राष्ट्रपति शासन की समयसीमा खत्म हो रही है. अब एक दिन में चुनाव तो हो नहीं सकते, तो राष्ट्रपति शासन लगाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है.

राकेश सिन्हा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर समस्या को लेकर कांग्रेस पर जमकर वार किया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई बच्चे अनाथ हो गए, उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है. उनके बच्चों को आरक्षण देने के बारे में आज हमने सोचा है, कांग्रेस क्यों अब तक चुप थी.

क्या कहता है बिल?

जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक के तहत जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 3 फीसदी आरक्षण को विस्तार दिया गया है.

इस बिल से यहां के युवाओं को सीधी भर्ती, प्रमोशन और संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आरक्षण मिल सकेगा. पहले इसका लाभ अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे व्यक्तियों के लिए नहीं था, लेकिन लेकिन इस बिल के कानून बन जाने के बाद यह लोग भी आरक्षण के दायरे में आ जाएंगे.

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