भारत-चीन झड़प: मनाली के रास्ते लद्दाख भेजी गईं जम्मू-कश्मीर की 50 से ज्यादा बसें

India-China Clash
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नई दिल्ली. मंगलवार को पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में गालवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए. हालांकि चीन की कितनी क्षति पहुंची इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं दी गई है.

चीन (China) से तनातनी के बीच मनाली (Manali) के रास्ते लद्दाख के लिए पचास से ज्यादा बसों को भेजा गया है. कहा जा रहा है कि इन बसों में सैकड़ों की संख्या में मजदूरों को भेजा गया है जिनकी मदद से लेह-लद्दाख के इलाकों में निर्माण कार्य कराए जा सकते हैं.

खास बात ये है कि आम तौर पर जम्मू से सीधे लेह-लद्दाख के लिए बसों को रवाना किया जाता था. ताजा हालात को देखते हुए काफिले को सुरक्षित उन इलाकों तक पहुंचाने के लिए हिमाचल (Himachal) के मनाली से होकर जाने वाले लंबे रास्ते को चुना गया है. इसी रास्ते से ही बसें वापस आएंगी और आगे भी कुछ समय तक इस रास्ते का ही प्रयोग किया जाएगा.

चीन और लद्दाख से सटे हिमाचल के दो जिलों में अलर्ट के बाद मंगलवार देर रात को हमीरपुर, मंडी, कुल्लू और लाहौल के आसमान में लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट सुनाई दी. हालांकि इन विमानों के उड़ने की किसी ने भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की.