जयपुर: पशुधन पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन शुरू

HS (10)
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

देशभर के 400 से भी अधिक पशु चिकित्सा विशेषज्ञ व वैज्ञानिक हो रहे हैं शामिल

जयपुर, 04 फरवरी (हि.स.). कृषि अर्थव्यवस्था और उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले पशु उत्पाद प्राप्त करने के लिए पशुधन प्रबंधन के प्रतिमानों में बदलाव विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन बुधवार से दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में शुरू हुआ. प्रदेश के पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने सम्मेलन का उद्घाटन किया.

इस अवसर पर कटारिया ने कहा कि आज देश और दुनिया में हो रहे नवाचारों का लाभ इस सम्मेलन के जरिए राजस्थान की जनता, किसान और पशुपालकों को मिलेगा. उन्होंने कहा कि किसान की आजीविका की शुरुआत पशुपालन से ही होती है.

उन्होंने बढ़ते रसायनिक उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि इनके उपयोग कैंसर जैसी घातक बीमारियां हो रही है. इसलिये हमे जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा. जैविक खेती पर सरकार का भी बहुत जोर है. उन्होंने उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे पशुपालन और कृषि के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से किसानों को जागरूक करें.

इस अवसर पर पद्मश्री डॉक्टर केके शर्मा ने का कि यह उनके और पूरे वेटरनरी जगत के लिए गौरव की बात है कि इस क्षेत्र में उन्हें पहला पद्मश्री मिला. उन्होंने कहा कि वेटरनरी में ग्लैमर नहीं है, लेकिन मैं मानता हूं कि इससे अच्छा प्रोफेशन नहीं है.

बीकानेर के वेटरनरी विश्वविद्यालय और इंडियन सोसाइटी ऑफ एनिमल प्रोडक्शन एंड मैनेजमेंट की ओर से आयोजित सम्मेलन में कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल नई दिल्ली के सदस्य डॉ. ए. के. श्रीवास्तव, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के उपमहानिदेशक (पशु विज्ञान) डॉ. बी. एन. त्रिपाठी और राज्य के पशुपालन शासन सचिव डॉ. राजेश शर्मा भी मौजूद थे. सम्मेलन में देशभर के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के करीब 400 वैज्ञानिक और शोधार्थी भाग ले रहे हैं.

आयोजन सचिव प्रो. संजीता शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय सम्मेलन के 6 तकनीकी सत्रों में पशु उत्पादन और पशुपालकों की आय बढ़ाने के रणनीतिक उपायों पर चर्चा की जाएगी. सम्मेलन में नवीन तकनीकी विकास, उद्यमशीलता बढ़ाने के साथ-साथ पशुओं के पौष्टिक आहार, जलवायु प्रभावों और उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं के प्रजनन और स्वास्थ्य प्रबंधन पर वैज्ञानिक व विशेषज्ञ विमर्श करेंगे. इस दौरान वैज्ञानिक अपने शोध भी प्रस्तुत करेंगे.

हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संदीप