चीनी नागरिक ने फर्जी नाम-पते से भारत में खड़ा किया मनी लॉन्ड्रिंग व हवाला नेटवर्क

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नई दिल्ली, 12 अगस्त (हि.स.). इनकम टैक्स विभाग द्वार दिल्ली-एनसीआर में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के हवाला ट्रांजेक्शन नेटवर्क को लेकर की गई छापेमारी के दौरान यह पता चला है कि एक चीनी नागरिक ने फर्जी नाम-पते से भारत में मनी लॉन्ड्रिंग व हवाला के इस नेटवर्क को खड़ा करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

वह अपनी भारतीय सहयोगी शैल कंपनियों के जरिये भारत में हवाला नेटवर्क का ऑपेरशन देखता था.
इस बात के मद्देनजर हवाला के इस पूरे लेन-देन में चीनी नागरिक के चेन से जुड़े पूरे नेटवर्क को एजेंसियां खंगाल रही हैं.

दरअसल खुफिया जानकारी के बाद आयकर विभाग ने दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम में करीब 21 जगहों पर मंगलवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की. यह छापेमारी कुछ चीनी नागरिकों और उनके भारतीय सहयोगियों के ठिकानों पर हुई, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के हवाला ट्रांजेक्शन का पता चला है.

फर्जी नाम-पते से संभाल रहा था नेटवर्क
छापेमारी और जांच के दौरान लुओ संग नाम के एक ऐसे चीन शख्स के बारे में यह खुलासा हुआ है कि वह भारत में चार्ली पंग के नाम से रह रहा था. उसके पास से मणिपुर के पते से बने हुआ एक फ़र्ज़ी भारतीय पासपोर्ट भी बरामद हुआ है.

एजेंसियों का मानना है कि वह फ़र्ज़ी नामों से 8 से 10 बैंक एकाउंट चलाता था जिसके जरिये वह कई चाइनीज़ कंपनियों के लिए भारत में हवाला का ऑपेरशन देखता था. हालांकि इस मामले की अभी जांच की जा रही है और उससे जुड़े सभी संभावित नेटवर्क को खंगाला जा रहा है. इसलिए इस पर जांच पूरी होने के बाद ही विस्तार से जानकारी मिल पाएगी.

40 बैंक अकाउंट डमी इकाइयों के नाम खुले
दरअसल इनकम टैक्स विभा को यह खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ चाइनीज लोग भारत में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला ट्रांजैक्शन का काम कर रहे हैं. इतना ही नहीं यह भी जानकारी मिली थी कि चाइनीज लोगों के कहने पर करीब 40 बैंक अकाउंट डमी इकाइयों के नाम पर खुलवाए गए हैं. इन अकाउंट्स पर करीब 1000 करोड़ रुपए क्रेडिट किया गया है. इसके बाद आयकर विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में ताबड़तोड़ छापेमारी की.

हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के दस्तावेज बरामद
जांच एजेंसी की इस छापेमारी में हवाला लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. कहा जा रहा है कि यह एक बहुत बड़ा नेक्सस हैं जो फर्जी कंपनियों के आधार पर हवाला का कारोबार कर रहा था.

आशंका जताई जा रही है कि चीनी कंपनियों की सहयोगी कंपनियों और इससे जुड़े लोगों ने फर्जी कंपनियों से भारत में रिटेल शोरूम खोलने के नाम पर 100 करोड़ रुपए के बोगस अडवांस लिए थे. जांच में पाया गया कि इन पैसों से हवाला का कारोबार किया गया और लेनदेन में विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल हुआ था.


बैंक कर्मी और सीए भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान जो दस्तोवज बरामद किए गए हैं, उसे देखते हुए इस काम में कई बैंक कर्मचारियों और कुछ सीए की भूमिका भी जांच के दायरे में है. एजेंसी अब इस गोलमाल के नेटवर्क को खंगाल रही है. इस जांच में आगे अभी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

दरअसल चाइनीज कंपनियों की सब्सिडियरी कंपनियों और संबंधित लोगों ने शेल(मुखौटा) कंपनियों से भारत में फर्जी बिजनस करने के नाम पर करीब 100 करोड़ का अडवांस लेने की बात का पता चला है.


हिन्दुस्थान समाचार/अश्‍वनी