टीवी सीरीयल्स से चिपके रहने वाली महिला दर्शकों पर भी चढ़ा IPL का खुमार

नई दिल्ली. भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता किसी से नहीं छिपी है. लेकिन शुरूआत में जब आईपीएल शुरू हुआ तो ये सवाल सबके जेहन में था कि क्या क्रिकेट अपनी पैठ सास-बहु जैसे सीरियल पसंद करने वाले दर्शकों के बीच बना पाएंगा या नहीं.

इसकी एक वजह ये भी है कि खेलों को हमेशा पुरुषों का क्षेत्र माना जाता रहा है. लेकिन क्रिकेट अब भारत की तंग गलियों से गुजरते हुए महिलाओं के किचन तक पहुंच चुका है. भारत में अब महिलाएं भी क्रिकेट के रोमांच को महसूस करने के लिए टीवी पर टकटकी लगाए बैठी रहती हैं.

जिन महिलाओं को केवल सीरीयल्स पसंद आते थे अब उन्हें क्रिकेट भी खूब भा रहा है. बार्क यानी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक क्रिकेट ने पिछले 3 साल में महिलाओं को बहुत तेजी से अपनी ओर लुभाया है.

साल 2016 में आईपीएल देखने वाली महिलाएं की संख्या 18.26 करोड़ थीं जो साल 2018 में 26.26 करोड़ तक पहु्ंच गई. साल 2017 में जहां फीमेल व्यूअरशिप की ग्रोथ 11% थी, वहीं 2018 में फीमेल व्यूअरशिप 28% तक पहुंच गई थी.

आईपीएल की व्यूअरशिप में महिलाओं की हिस्सेदारी 47% रही. प्राइम टाइम में 77% महिलाओं ने टीवी सीरियल छोड़कर आईपीएल में दिलचस्पी दिखाई. साल 2019 के पहले सप्ताह में दर्शकों की संख्या 28.3 करोड़ पर पहुंच गई है जो पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है.

आपको ये जानकार हैरानी होगी कि इस टूर्नामेंट के पहले सप्ताह में महिला दर्शकों की संख्या 27 प्रतिशत बढ़ी. वहीं पुरुषों की संख्या में 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ. भारत में दूसरे खेलों के औसत की तुलना में हमेशा से आईपीएल में महिला दर्शकों की दिलचस्पी ज्यादा रही है.

इस बार के आईपीएल के दर्शकों की कुल संख्या में महिलाओं की 40 प्रतिशत भागीदारी है. शायद इसी का नतीजा रहा कि पिछले साल आईपीएल में महिलाओं की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए बीसीसीआई ने एक एग्जिबिशन मैच रखा था.

इसलिए इस साल भी बीसीसीआई आईपीएल के दौरान तीन टीमों का एक इवेंट कराने जा रही है. हालांकि महिलाओं को क्रिकेट के मैदान तक लाने के लिए बोर्ड की ये कोशिश दो या तीन मैच से पूरी नहीं हो सकेंगी.

बीसीसीआई को इस बात पर जरूर ध्यान देना होगा कि जो महिलाएं घर बैठकर मैच देखती हैं. आखिर वे स्टेडियम तक क्यों नहीं पहुंच पाती. भारत में अगर मिताली राज जैसी बेतहरीन महिला क्रिकेटरों की तलाश करनी है तो उसके लिए इस खेल को सरहाने वाली महिला दर्शकों की भागीदारी काफी मायने रखती है.

क्रिकेट के प्रति महिलाओं की दीवानगी बढ़ाने के लिए बीसीसीआई को कई कारगर उपाय करने होंगे. क्रिकेट को दुुनियाभर में बड़ा करने और पहचाने दिलाने के लिए महिला आईपीएल की भी जरूरत है ताकि युवा प्रतिभाएं सफलता की नई इबारत गढ़ सकेंं.