महंगाई की मार से बिगड़ा घर का बजट, मध्यम व गरीबों को खर्च उठाना हुआ मुश्किल

कुछ समय से रसोई गैस, पेट्रोल समेत दैनिक उपयोग से जुड़ी सामग्रियों के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने मध्यम और गरीब वर्ग के लोगों के घरों का बजट बिगाड़ दिया है. महंगाई की मार से अधिकतर लोग पीडि़त हैं. स्थिति यह है कि घर का खर्च उठाना भारी पड़ता जा रहा है.

महंगाई से पीडि़त लोगों के अनुसार डीजल-पेट्रोल से लेकर खाने के तेल से लेकर रसोई गैस के दाम गुपचुप तरीके से बढ़ गए हैं. व्यापारी बताते हैं कि पिछले डेढ़ महीने में आपके घर का बजट डेढ़ गुना तक बढ़ गया है. इसमें मोबाइल फोन रिचार्ज से लेकर केबल का बिल सब्जी भाजी यहां तकका आटा,खाने का तेल तक शामिल है. पिछले तीन महीनों में सबसे ज्यादा लोगों को प्याज के आसमान छूते दामों ने रूलाया है. वर्तमान में महाराष्ट्र के नासिक से आ रही प्याज के दाम सब्जी बाजार में 70 से 80 रुपये चल रहे हैं.

सोयाबीन तेल के बढ़े दाम

बीते दो महीनों में मूंगफली तेल से लेकर सभी कंपनियों के भाव सोयाबीन रिफाइन्ड के तेल के दामों में 15 से18 फीसदी तक दाम में उछाल आया है. सन लावर मूंगफली तेल के दामों में भी 2 फीसदी दामों में बढ़ोतरी हो गई है.

पैकेट दूध के दाम आसमान पर

शहर में मिलने वाले सभी कंपनियों के दूध के दामों में पिछले चार महीनों से लगातार बढ़ोतरी हो रही है. आधा लीटर दूध पैकेट के दाम तीन महीने में 3 से 4 रुपये प्रति पैकेट बढ़ चुके हैं. वहीं खुले दूध के दाम में भी नव वर्ष 2020 में डेयरी मालिकों ने दो रुपये किलो बढ़ा दिए हैं.

लोगों ने बताया कि डिस्क केबल से लेकर न्यूज पेपरों के दाम में भी बढ़ोतरी हो गई है. डीटीएस चार्जेस बढऩे से पहले 250 से लेकर 300 रुपये में जरूरत के हिसाब से चैनल देखने को मिल जाया करते थे. किन्तु अब 500 से 550 रुपये तक में रिचार्ज हो रहे हैं. उसमें भी अगर एचडी चैनल जुड़ जाए तो ये यह आंकड़ा 600 रुपये के पार चला जाता है. न्यूज पेपर के दामों में भी 15 से 20 रुपये बढ़ा दिए गए हैं.

रसोई गैस भी हुई महंगी

पिछले दो महीनों में रसोईगैस के दाम प्रति सिलेंडर 33 रुपये तक बढ़े हैं. अब रसोईगैस सिलेंडर 740.50 रुपये में मिक रहा है, जबकि व्यावसायिक रसोई गैस सिलेंडर के दाम 1289 रुपये हो गए हैं.

गृहणियों के घर के किचन को बजट के बिगाडऩे में दाल के बाद सबसे आगे हरी सब्जियों के दाम भी होते हैं. जिसमें बीते पिछले 6 महीनों में लहसुन के दाम 260 से लेकर 300 रुपये प्रति किलो बने हुए हैं. दाम बढऩे के पीछे अहम कारण लहसुन की फसल बिगडऩा बताया जा रहा है, वही पिछले 3.4 महीनों में 110 और 100 रुपये किलो बिक चुकी प्याज के दाम बमुश्किल अभी 10.20 रुपये प्रति किलो कम हुए हैं.

शतक की ओर डीजल-पेट्रोल के दाम

भारत देश में सबसे महंगा पेट्रोल -डीजल मप्र में बिक रहा है. मार्च 2019 में पेट्रोल के दाम 68.93 और डीजल 65.92 रुपये प्रति लीटर थे, जो 10 जनवरी 2020 को बढक़र क्रमश 86.97 और 77.04 रुपये लीटर हो गया है.

मोबाइल रिचार्ज कराना भी हुआ मुश्किल

पहले मोबाइल कंपनियां एक महीने का रिचार्ज 149 और तीन महीने का रिचार्ज कराने में 399 रुपये में मिल जाता था. लेकिन अब 555 और 599 रूपए तक में मिल रहा है.महंगाई का सबसे ज्यादा असर मोबाइल उपभोक्ताओं पर पड़ा है.

इनका कहना है

कुछ समय से तो ये स्थिति हो गई है कि रसोई गैस क्या हर वस्तु के दाम दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं, इससे हमारा तो सारा घर का बजट ही बिगड़ता जा रहा है. – अपूर्वा दीक्षित आर्किटेक्ट 

चाहें घी लेने जाओ या दूध लो, हर चीज के दाम बढ़ गए हैं. तेलों के दाम भी बढ़ गए हैं, घर का खर्चा चलाना मुश्किल पड़ रहा है. महंगाई पर तो रोक लगाना चाहिए. – नीता तिवारी स्कूल संचालिका 

गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को इस महंगाई के युग में घर चलाना मुश्किल हो गया है. रसोई गैस, तेल और सबसे ज्यादा प्याज भी काफी महंगी हो गई है. इस पर रोक लगाने का प्रयास करना चाहिए. – निशा गृहिणी

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