लक्ष्मी का मायका है मुंबई, महाराष्ट्र डे पर जानिए मुबंई, गुजरात और इकॉनमी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

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नई दिल्ली. आज विश्व भर में मजदूर दिवस मनाया जा रहा है. मगर इसके अलावा आज भारत में गुजरात दिवस और महाराष्ट्र दिवस भी है. इसे भारत में महाराष्ट्र और गुजरात का स्थापना दिवस भी कहा जाता है.

गुजरात और महाराष्ट्र पहले बॉम्बे राज्य का ही हिस्सा हुआ करता था. 1 मई 1960 को भाषा के आधार पर दोनों राज्यों का बंटवारा किया गया था. मराठी भाषा बोलने वालों के लिए महाराष्ट्र बना जबकि गुजराती भाषी लोगों के लिए गुजरात का निर्माण किया गया.

आज हम आपको महाराष्ट्र डे के मौके पर ऐसी कई बाते बताने जा रहे हैं. जो कि आप पहले नहीं जानते होंगे. इसी के साथ आपको ये भी बतायेगें की कैसे महाराष्ट्र देश की अर्थव्यवस्था में एक अहम रोल निभाता है. कैसे देखते ही देखते मुबंई को हटाकर दिल्ली देश की राजधानी बन गई और देश की आर्थिर राजधानी रह गई मुबंई.

धन की देवी लक्ष्मी का मायका मुंबई को कहा जाता है . पुराणों में लक्ष्मी को समुद्र की संतान माना गया है. इस मान्यता के कारण ही समुद्र के किनारे बसे सभी शहरों /नगरों में बहुत धन-धान्य पाया जाता है . धन को माया भी कहा जाता है. धन की अथाह उपलब्धता के कारण मुंबई को मायानगरी के नाम से भी जाना जाता है.

दरअसल मुम्बई नाम दो शब्दों से मिलकर बना है, मुंबा या महा-अंबा– हिन्दू देवी दुर्गा का रूप, जिनका नाम मुंबा देवी है और आई को मराठी में मां कहते हैं.

मुम्बई की भौगोलिक स्थिति की कहानी:-

 मुम्बई की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह शहर समुद्र के किनारे स्थित है जिसके कारण यह सम्पूर्ण विश्व के साथ व्यापारिक संपर्क आसानी से बना लेता है. ब्रिटिश राज में भी सबसे पहले यहीं पर औद्योगिक विकास शुरू हुआ था. यहाँ पर सूती कपडा उद्योग बहुत ही समृद्ध है. मुम्बई की भौगोलिक स्थिति इसकी प्रगति का एक मुख्य कारक है. मुम्बई अरब सागर के किनारे पर स्थित है जिस कारण यह विदेशी निवेशकों को बहुत प्रिय है.

मुम्बई को भारत की वाणिज्यिक राजधानी कहा जाता है क्योंकि मुम्बई में कई वित्तीय संस्थानों के कार्यालय जैसे भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बॉम्बे स्टाक एक्सचेंज तथा टाटा समूह, गोदरेज, रिलायंस आदि के कार्यालय स्थित हैं. यही नहीं यहां फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियां भी स्थित हैं.

आसान नहीं था बंटवारा

दोनों राज्यों का बंटवारा होना आसान नहीं था. इसके लिए लंबे समय तक आंदोलन भी चला. इस आंदोलन में कई लोगों की जान भी गई. वहीं गुजरात को अलग राज्य बनाने के लिए महागुजरात आंदोलन भी चलाया गया. ये आजाद भारत का सबसे बड़ा जन आंदोलन था.

आज हुई महाराष्ट्र की स्थापना

आज के दिन ही महाराष्ट्र की स्थापना हुई थी. दरअसल राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत कई राज्यों का गठन हुआ था. इस अधिनियम के तहत कन्नड़ भाषा के लोगों के लिए अलग से कर्नाटक राज्य का निर्माण किया गया था. वहीं तेलुगु भाषियों के लिए आंध्रप्रदेश बना था.