1947 से लेकर अब तक जानें बजट से जुड़े ये 15 रोचक तथ्य

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) वित्तवर्ष 2019-20 का बजट पेश करेंगी
  • स्वतंत्र भारत का पहला बजट वित्तमंत्री आरके षणमुखम शेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था

नई दिल्ली. मोदी सरकार पांच जुलाई को 2019-20 का पूर्ण बजट पेश करेगी. भारत में बजट पेश करने का इतिहास 150 साल से अधिक पुराना है. इतने सालों में बजट पेश करने के तौर-तरीके में कई बदलाव हुए हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) वित्तवर्ष 2019-20 का बजट पेश करेंगी. आम बजट (Union Budget) के साथ रेल बजट (Rail Budget) भी पेश किया जाएगा.
बजट के इतिहास पर नजर डालें तो ऐसे काफी सारे तथ्य हमारे सामने आएंगे जो देश के बदलते आर्थिक हालात बताते हैं.

1- स्वतंत्र भारत का पहला बजट वित्तमंत्री आरके षणमुखम शेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था. जबकि गणतंत्र भारत का पहला बजट 28 फरवरी 1950 को जॉन मथाई ने पेश किया था.

2- षणमुखम शेट्टी ने 1948-49 के बजट में पहली बार अंतरिम शब्द का प्रयोग किया, तब से लघु अवधि के बजट के लिए अंतरिम शब्द का प्रयोग शुरू हुआ.

3- 1955 के बाद यानी 1955-56 के बजट से ही बजट से जुड़े दस्तावेज हिंदी में भी तैयार किए जाने लगे. 1955-56 के केंद्रीय बजट में कालाधन उजागर करने की योजना शुरू की गई

4- प्रधानमंत्री रहते राजीव गांधी ने साल 1987 का बजट पेश किया. उन्होंने भारत का पहली बार कॉरपोरेट टैक्स से परिचय करवाया.

5- बजट के इतिहास में ऐसा मौका भी आया जब साल 1991-92 का अंतिरम और वित्तीय बजट दो अलग-अलग पार्टियों के अलग-अलग मंत्रियों ने पेश किया. यशवंत सिन्हा ने अंतरिम बजट पेश किया, जबकि मनमोहन सिंह ने फाइनल बजट पेश किया.

6- साल 2000 तक केंद्रीय बजट की घोषणा शाम 5बजे तक की जाती थी. ये अंग्रेजों के समय से परंपरा चली आ रही थी. इंग्लैंड के टाइम के हिसाब से बजट पेश किया जाता था, जोकि शाम 5 बजे होता था. इस परंपरा को अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने खत्म किया. यशवंत सिन्हा ने 2001 में 11 बजे दिन में बजट के ऐलान कर नई परंपरा शुरू की गई.

7- रेल बजट 2017-18 में आम बजट के साथ पेश किया गया था, इसके के साथ 92 से चली आ रही परंपरा भी समाप्त हो गई। संसद सत्र के मद्देनजर हम आपको भारत के रेल बजट के ऐसे ही अनछुए पहलुओं से अवगत कराने जा रहे हैं, जिन्हें बहुत कम ही लोग जानते हैं। Also Read – पाकिस्तान में ही है अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का ठिकानाः

8- भारत का पहला रेल बजट भारत (India) का पहला रेल बजट 1924 में ब्रिटिश शासन (British Rule) के समय पेश किया गया था. ये पहला पृथक (भिन्न) रेल बजट था. इससे पहले आम बजट के साथ ही रेल बजट पेश किया जाता था.

9- 1920-21 में एक्वर्थ कमेटी (Aquarth Committee) ने रेल बजट को आम बजट से अलग से पेश करने की रिपोर्ट को सौंपकर वित्तिय मामलों को अलग से देखे जाने की बात कही थी। रिपोर्ट के बाद
10- 1924 में पहली बार रेल बजट केंद्रीय विधान सभा में पेश किया गया, जो आजादी के बाद से 2016-17 तक चलन में रहा था, मोदी सरकार (Modi Governmet) ने पुरानी परंपरा खत्म करते हुए आम बजट 2017-18 (Aam Budget 2017-18) के साथ रेल बजट क पेश किया।

11- सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है. उन्होंने 10 बार बजट पेश किया. कांग्रेस के कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम ने 9 बार, और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री रहते हुए 8 बार बजट पेश किया.

12- इंदिरा गांधी भारत की एक मात्र महिला वित्त मंत्री रही हैं. जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं तब मोरारजी देसाई वित्त मंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे. अचानक से मोरारजी ने वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. जिसके बाद इंदिरा गांधी ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार भी अपने जिम्मे रखा था.

13-केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने साल 1997-98 में जो बजट पेश किया उसे ड्रीम बजट कहते हैं. इस बजट में कई आर्थिक सुधार देखने को मिले. इनकम टैक्स की रेट में कटौती, कॉरपोरेट टैक्स में कटौती समेत कई सुधार देखने को मिला.

14- 1973-74 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंतराव बी चव्हाण द्वारा पेश किए गए बजट को काला बजट की संज्ञा दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उस बजट में 550 करोड़ से ज्यादा का घाटा था.

15- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दूसरी महिला वित्त मंत्री होंगी, जो भारत का बजट पेश करेंगी. इससे पहले इंदिरा गांधी ने साल 1970-71 में बजट पेश किया था.

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