कई बार फेल होने के बाद भी जीत ली दुनिया, जानिए कौन हैं ये लोग…

मिशन एडमिशन- ये एक ऐसा मिशन है जो न केवल स्टूडेंट्स बल्कि पेरेंट्स की भी नींद उड़ा देते हैं. बच्चे 12th पास करते नहीं कि अंडर ग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेने और करियर बनाने की दौड़ शुरू हो जाती है.

दिल्ली विश्वविद्यालय ने अंडरग्रेजुएट कोर्सेज के लिए अपनी पहली कट ऑफ लिस्ट जारी कर दी है. इस साल 62,000 सीटों पर एडमिशन होंगे. लेकिन जो लोग इस कट ऑफ को देखकर घबरा गए हैं वो ऐसा न करें क्योंकि जीवन में सफल होने के लिए डिग्री कोई मायने नहीं रखती है.

आम लोगों और खास लोगो में सबसे बड़ा अंतर ये है कि खास लोग अपनी असफलताओं से डरते नहीं हैं… दुनिया के सबसे तेज दिमाग शख्सितें शुरुआत में ज्यादातर फेलियर ही रही हैं.. लेकिन, उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और आज दुनिया में उनका बोलबाला है..

देश और दुनिया के तमाम ऐसे लोगों का उदाहरण सामने है, जो स्‍कूली पढ़ाई में या करियर के शरुआती दौर में फेल कर दिए गए थे पर उन्‍होंने अपनी जिद और जुनून से कामयाबी की ऐसी इबारत लिख दी जिसकी आज मिसाल दी जाती है.

बिल गेट्स (Bill Gates)
दुनिया का सबसे अमीर इंसान बिल गेट्स ने हावर्ड कॉलेज में बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी… इसके बाद अपना पहला बिज़नेस शुरू किया लेकिन वो बुरी तरह फ्लाप हुआ… बाद में उन्होंने दुनिया और खुद के लिए संभावनाओं की ऐसी खिड़की खोली की आज उनका विश्व में डंका बजता है….

bill gates

अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
वैज्ञानिक आइंस्टीन चार साल तक बोल और सात साल की उम्र तक पढ़ नहीं पाए थे.. उनको स्कूल से निकाल दिया गया और ज़्यूरिक पॉलिटेक्निक ने भी दाखिला देने से इन्कार कर दिया गया था, इन सब के बावजूद वो भौतिक विज्ञान की दुनिया में सबसे बड़ा नाम साबित हुए..


Albert Einstein

वॉल्ट डिज़्नी (Walt Disney)
डिज़्नी नाम किसने नहीं सुना होगा, लेकिन आपको ये सुनकर हैरानी होगी की जब ये नौकरी करते थे तो इन्हें ये कहकर निकाल दिया गया था कि उनके पास क्रिएटीविटी और नए विचार नहीं हैं.. इसके बाद उन्होंने अपना बिजनेस शुरू किया, लेकिन दिवालिए हो गए.. उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आज देखिए उनके नाम से एक पूरा साम्राज्य चलता है..


Walt Disney

सचिन तेंदुलकर (sachin tendulkar)
क्रिकेट के भगवान के माने जाने वाले इंडियन क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को शुरू से ही केवल क्रिकेट का ही जुनून रहा, पढ़ाई में मन न लगने के कारण उन्‍होंने बस दसवीं तक ही पढ़ाई की.. जरा सोचें, अगर सचिन पर उनके पिता ने पढ़ाई का दबाव बनाया होता तो क्‍या वे दुनियाभर में एक क्रिकेटर के रूप में पहचान बना पाए होते..

Sachin Tendulkar Smile
Sachin Tendulkar Smile

रबिंद्रनाथ टैगोर (Ravindranath Tagore)
भारत की तरफ से इकलौते नोबल पुरस्कार जीतने वाले महान क़वि और साहित्यकार रबिंद्रनाथ टैगोर स्कूल में फेल हो गए थे.. उनके टीचर उन्हें पढ़ाई में बहुत कमजोर मानते थे..लेकिन, वही बाद में पूरे देश का गौरव साबित हुए… रबिंद्रनाथ टैगोर लिखा भी करते थे, जिसमें उन्होंने एक बार असफलताओं पर लिखा था कि ‘हर ओक का पेड़, पहले ज़मीन पर गिरा एक छोटा सा बीज होता है.’

Ravindranath Tagore

पीएम मोदी (PM modi) – भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने महज़ 17 साल की उम्र में अपना घर छोड़कर निकल गए थे, तब तक उन्होंने केवल 10वीं तक की पढ़ाई की थी… बड़नगर के गुजराती मीडियम के भागवताचार्य नारायणाचार्य हाईस्कूल से पूरी की थी.. इंटर में उन्होंने एडमिशन तो लिया था, लेकिन इंटर पूरा किए बिना घर से चले गए थे.. फिर वापस आकर मोदी ने दोबारा 12वीं पास की या नहीं, ये जानकारी नहीं है.. लेकिन जो मुकाम उन्होंने आज हासिल किया है वो किसी डिग्री का मोहताज नहीं है…

PM Modi

बाबा रामदेव (Baba Ramdev)
बाबा रामदेव का नाम योग की दुनिया में तो है ही, लेकिन बिजनेस वर्ल्ड में भी उन्होंने वो मुकाम हासिल किया वो काबिले तारीफ है वो भी बिना किसी डिग्री के… बाबा रामदेव ने बस आंठवी तक ही पढा़ई की है… 15 लाख से अधिक योग शिक्षकों की फौज खड़ी कर उन्होंने भारत ही नहीं दुनिया में योग का डंका बजवाया है….योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए बाबा रामदेव ने पतंजलि योगपीठ की स्थापना की…

Ramdev Baba
Baba ramdev

अजीज प्रेमजी (Ajij premji)
अजीम प्रेमजी का जन्म इस्माइली शिया मुस्लिम परिवार में हुआ..उनके पिता एक प्रसिद्ध व्यवसायी थे और ‘राइस किंग ऑफ़ बर्मा’ के नाम से जाने जाते थे… उनके पिता ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए उन्हें अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय भेजा पर और इसी बीच उनके पिता की मौत हो गयी और अजीम प्रेमजी को इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर भारत वापस आना पड़ा.. उस समय उनकी उम्र मात्र 21 साल थी.. भारत वापस आकर उन्होंने कंपनी का कारोबार संभाला और आज इस मुकाम तक पहुंचे…

Ajij Premji

धर्मपाल एमडीएच
मसाला किंग के नाम से मशहूर देश की नामी मसाला कंपनी महाशया दी हट्टी (MDH) के प्रमुख 95 वर्षीय धर्मपाल गुलाटी ने भी बस पांचवी क्लास तक ही पढाई की है…बढ़ई की दुकान से लेकर तांगा चलाने का भी काम किया, कम शिक्षा होने के बावजूद भी अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने ये मुकाम पाया है..

Dharampal

ऐसे उदाहरण आपके सामने रखने का मतलब यह कतई नहीं कि आप अच्छे मार्क्स लाने या अच्छे कॉलेज में एडमिशन लेने के बारे में नहीं सोचें, हम तो बस इतना कहना चाहते हैं कि अपने दिल की सुनिए, गला काट प्रतियोगिता के चक्कर में मत फंसिए.

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