इंदौर को मिला प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अवार्ड, फिल्म अभिनेता आमिर खान ने दिया ये अवार्ड

भारत सरकार द्वारा देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अवार्ड से नवाजा गया है. नई दिल्ली में रविवार को आयोजित भव्य कार्यक्रम में इंदौर को पुरस्कृत किया गया. केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा रविवार को आयोजित कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता आमिर खान द्वारा इंदौर को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अवार्ड दिया गया. इंदौर जिला पंचायत की सीईओ नेहा मीणा द्वारा यह अवार्ड प्राप्त किया गया. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस उपलब्धि पर इंदौर जिला प्रशासन को बधाई दी है.

प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के तहत सिंदोड़ा ग्राम पंचायत द्वारा किये गये कार्यों के कारण जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा रविवारको इंदौर ज़िले को नई दिल्ली में सम्मानित किया गया. उल्लेखनीय है कि जिले में स्वच्छता के साथ-साथ जिले को प्लास्टिक के उपयोग से मुक्त करने का अभियान भी चलाया जा रहा है.

इस अभियान को एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है, जब जिले कि इस ग्राम पंचायत में दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर संकल्प लिया और ढाई महिने में ही पंचायत को पूरी तरह से प्लास्टिक के उपयोग से मुक्त करने का लिया गया संकल्प साकार कर दिया. इस पंचायत को प्रदेश की पहली प्लास्टिक मुक्त पंचायत होने का गौरव प्राप्त हुआ है.

गत दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नेहा मीणा ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे. इस अवसर पर इन्होंने ग्रामीणों को पंचायत को सिंगल यूज्ड प्लास्टिक के उपयोग से मुक्त करने का संकल्प दिलाया. ग्रामीणों ने इसे सहर्ष स्वीकार किया और ठाना कि हम पंचायत को पूरी तरह से सिंगल यूज्ड प्लास्टिक के उपयोग से मुक्त कर देंगे.

लगभग ढाई महिने में ही यह संकल्प साकार होगा यह कल्पना से परे था. ग्रामीणों की जीवटत्ता और अधिकारियों की लगनशीलता से यह अल्पसमय में ही साकार हो गया. यहां के ग्रामीण अब गांव में किसी भी रूप में सिंगल यूज्ड प्लास्टिक का उपयोग नहीं कर रहे है. गांव में प्लास्टिक की थेली का उपयोग भी नहीं किया जा रहा है. यहां के लोग कपड़े की थेली का उपयोग करते हैं. गांव में ग्रामीणों को धरोहर राशि जमा कर कपड़े की थेली भी उपयोग के लिये दी जा रही है. उपयोग के पश्चात थेली जमा करने पर उन्हें धरोहर राशि वापस कर दी जाती है.

गांव में शादी-ब्याह हो, जन्मदिन हो या अन्य कोई समारोह हो उसमे भी सिंगल यूज्ड प्लास्टिक का उपयोग नहीं हो रहा है. ग्रामीणों को एक रुपये किराये पर एक बरतन का सेट किराये पर दिया जा रहा है. गांव में प्लास्टिक के उपयोग पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है. गांव की सभी घरों की दिवारों नीला रंग किया गया है. इससे इस गांव को ब्लू विलेज के रूप में पहचान मिल रही है.

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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