रानी की अगुवाई में महिला हॉकी टीम का एक और नया कारनामा

हरियाणा के कुरुक्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली रानी रामपाल ने महज छह साल की उम्र में हॉकी खेलना शुरू कर दिया था. हरियाणा के एक मजदूर की बेटी, हर साल अपने बेहतरीन खेल से देश के लोगों का दिल जीत रही है. एक समय उनका सपना तो बस अपने परिवार के लिए एक घर बनाने का था.

पांच लोगों के परिवार के पालन पोषण के लिए रानी के पिता तांगा चलाते थे और ईंटें बेचते थे. रानी और उनके परिवार को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा पर उन्होंने कभी हार नहीं मानी. भारतीय हॉकी टीम में उनका चयन बिल्कुल भी आसान नहीं था.

साल 2016 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. भारतीय हॉकी टीम ने 2018 में एशियाई खेलों में रजक पदक जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत चौथे पायदान पर और लंदन विश्व कप में आठवें स्थान पर रहा है.

भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता ये खिताब

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच वूमेन्स सीरीज फाइनल्स का खिताब जीत लिया है. रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने मेजबान जापान को 3-1 से शिकस्त देकर खिताब पर कब्जा किया.

इस मुकाबले में भारतीय टीम ने आक्रामक शुरूआत की और मैच के तीसरे ही मिनट में पेनल्टीकार्नर को कप्तान रानी ने गोल में बदलकर भारतीय टीम को 1-0 से आगे कर दिया. मैच के 11वें मिनट में कानोन मोरी ने गोल कर जापान को 1-1 की बराबरी दिला दी. हॉफ टाइम तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं.

हॉफ टाइम के बाद मैच के 45वें मिनट में भारत को पेनल्टी कार्नर मिला और इस बार गुरजीत कौर ने इसे गोल में बदलकर भारत की बढ़त 2-1 कर दी. मैच के आखिरी मिनट में गुरजीत कौर ने पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर भारत को 3-1 से खिताबी जीत दिला दी. भारतीय टीम की कप्तान रानी के बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया.

Leave a Comment

%d bloggers like this: