भारतीय समुदाय को मोदी के अमेरिकी दौरे का इंतजार

लॉस एंजेल्स. अमेरिका में भारतीय समुदाय बड़ी उत्सुकता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन का इंतजार कर रहा है. इसके लिए वे शिकागो अथवा ह्यूस्टन में से किसी एक महानगर में उनका भव्य स्वागत की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय विचार विमर्श कर रहे हैं.

आम चुनावों में दूसरी बार मोदी की शानदार जीत और एशिया में एक महानायक के रूप में उभरने के बाद वह 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने न्यू यॉर्क आ रहे हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी छठी अमेरिकी यात्रा होगी. इस दौरे के दौरान वह महासभा की बैठकों से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, फ़्रांस के राष्ट्रपति एमेनुएल मैक्रों सहित अनेक राष्ट्रध्यक्षों से मुलाक़ात करेंगे.

बताया जाता है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की एक सप्ताह तक चलने वाली महासभा की बैठक से पूर्व अथवा बीच में किसी दिन प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित कर सकते हैं. इस बात की ज़्यादा संभावना है कि प्रधानमंत्री इस बार ह्यूस्टन (टेक्सास) में भारतीय समुदाय की एक बड़ी जनसभा को सम्बोधित करें.

प्रवासी भारतीयों की दृष्टि से न्यू जर्सी,न्यू यॉर्क, शिकागो और कैलिफ़ोर्निया के बाद टेक्सास एक बड़ा राज्य है, जहां भारतीय मूलवंशी बड़ी संख्या में रहते हैं. टेक्सास के तीन बड़े नगरों -ह्यूस्टन, डलस और आस्टिन में सवा लाख से अधिक प्रवासी भारतीय रहते हैं, जिनमें आईटी पेशेवर के अलावा बड़ी संख्या में गुजराती और तेलुगु समुदाय के लोग शामिल हैं. ह्यूस्टन में भारतीय महावाणिज्य दूतावास भी है.

विदित हो कि इसको लेेकर ओवरसीज़ फ़्रेंड्स ऑफ बीजेपी, हिंदू स्वयं सेवक संघ, गुजराती समुदाय, तेलुगु समुदाय, मराठी मंडल, ब्रह्मकुमारी, आर्ट ऑफ लिविंग आदि एक दर्जन से अधिक संस्थाओं के पदाधिकारी आपस में विचार विमर्श कर रहे हैं.

विदित हो कि मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सन 2014 में जीत के बाद उनकी पहली न्यू यॉर्क के मेडिसन स्क्वायर में बड़ी जनसभा हुई थी, जिसमें न्यू यॉर्क और न्यू जर्सी से ही नहीं, शिकागो और पश्चमी छोड़ से हज़ारों की तादाद में लोग पहुंचे थे. इसके अलावा वह वाशिंगटन डीसी, कैलिफ़ोर्निया के सैन होजे में भी भारतीय समुदाय की बड़ी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियों गुतेरस ने महासभा की बैठक से एक दिन पूर्व जलवायु परिवर्तन (कलाईमेट चेंज) पर एक शिखर सम्मेलन बुलाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए यह मसला विशेष अहमियत रखता है. गुतेरस जलवायु परिवर्तन के मामले में मोदी की अनेक अवसरों पर सराहना कर चुके हैं. उन्होंने पिछले साल मोदी को अर्थ अवार्ड फ़ॉर पालिसी लीडरशिप अवार्ड से नवाज़ा था.

हिंदुस्थान समाचार / ललित

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