अमेरिका की इस रिपोर्ट से भारत को आया गुस्सा!

अमेरिका के गृह मंत्रालय (US State Department) की एक रिपोर्ट की नरेंद्र मोदी सरकार ने कड़ी आलोचना की है जिसमें अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आजादी से जुड़ा मुद्दा उठाया गया है. दरअसल इस रिपोर्ट में कहा गया था कि बीजेपी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए हैं.

इसपर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ”भारत को अपनी धर्मनिरपेक्ष साख और सबसे बड़े लोकतंत्र व बहुलतावादी समाज के तौर पर सहिष्णुता और समावेश की प्रतिबद्धता पर गर्व है. भारतीय संविधान सभी नागरिकों, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय भी शामिल हैं, को मौलिक अधिकार देता है.”

वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ये भी कहा कि किसी भी विदेशी संस्था या सरकार को हमारे नागरिकों को लेकर कोई घोषणा करने का अधिकार नहीं है.

उधर बीजेपी के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख अनिल बलूनी ने एक बयान में कहा, ‘2018 की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट मोदी सरकार और बीजेपी के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित है. इस रिपोर्ट की मूल अवधारणा ये है कि यहां अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा के पीछे कोई षडयंत्र है, जो कि सरासर झूठ है.’

अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से ‘इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम’ (International religious freedom) पर एक रिपोर्ट जारी की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया थी कि भारत में गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ज्यादातर मामलों में अभियोग नहीं लगा पाया है.

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो 24 जून को भारत आने वाले हैं. ऐसे में ये रिपोर्ट भी सामने आई है.

दरअसल 24 जून से माइक पोम्पियो हिंद-प्रशांत क्षेत्र की करीब सप्ताह भर लंबी यात्रा के दौरान सबसे पहले नई दिल्ली और सबसे आखिर में दक्षिण कोरिया जाएंगे.

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