आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ेगा भारत, कई तरीकों से हुए बदलाव

पीएम मोदी
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नई दिल्ली. भारत ला लक्ष्य है आत्मनिर्भर भारत, हम अपने आदर्शों के साथ आगे बढ़ते रहेंगे. कोरोना के संकट काल में देश लॉकडाउन से बाहर आ गया है. अनलॉक के समय में है हम. अब कोरोना को हराना है.

लॉकडाउन से ज्यादा सतर्कता हमें अनलॉक में बरतनी है. मास्क पहनें, दो गज की दूरी बनाए रखें. अगर ऐसा नहीं करेंगे तो दूसरों को भी जोखिम में डाल देंगे. इसलिए सभी देशवासियों से निवेदन है कि लापरवाही न बरतें. अपना और दूसरों को भी ध्यान रखें.

अब कई चीजें अनलॉक हो रही है. कुछ दिन पहले स्पेस सेक्टर में कई सुधार हुए हैं. इससे आत्मनिर्भर भारत को गति मिलेगी और टेक्नोलॉजी को भी गति मिलेगी. कृषि सेक्टर को भी अब गति मिलेगी. किसानों को अपनी फसल किसी को भी बेचने की आजादी मिली है. उन्हें अधिक लोन मिलना भी आसान हुआ है. अब विकास के नए रास्ते खुल रहे हैं.

अरूणाचल प्रदेश की एक कहानी पढ़ने को मिली, सियान जिले में ऐसा काम हुआ कि गांव के कई लोग बाहर रहकर नौकरी करते हैं. गांव वालों ने प्रवासियों के लिए 14 अस्थाई झोपड़ियां बनाई और उन्हें क्वारंटीन किया गया.

झोपड़ियों में बिजली, पानी, शौचालय समेत कई बुनियादी सुविधाएं रहीं. कहा जाता है कि अच्छे लोग अपना स्वभाव कभी नहीं छोड़ते. इन दिनों हमारे प्रवासी श्रमिक भी देश को प्रेरणा दे रहे हैं. उत्तर प्रदेश में कल्याणी नदी का कायाकल्प करने का काम मजदूरों ने किया. इसे देख किसान भी खुश हैं. ऐसे कई किस्से कहानियां हैं.

कोरोना ने हमारे जीवन को बदल दिया है. इन दिनों अदरक हल्दी समेत कई मसालों की मांग दुनिया भर में बढ़ गई है. लोग इम्यूनिटी बढ़ाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. इन सभी मसालों का सीधा संबंध हमारे देश से है.

कोरोना संकट नहीं आता तो शायद हमें जीवन के महत्व का पता नहीं चलता. लॉकडाउन के दौरान लोग दोबारा जीवन जीना सीखे हैं. हमारे देश में पारंपरिक खेलों की अलग ही पहचान रही है. तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश में कई खेल खेले जाते हैं. दक्षिण भारत से ये गेम दक्षिण एशिया तक फैला. सभी सांप सीढ़ी खेलते हैं, जो भारत गेम का ही रूप है, इसे मोक्षपाटम कहा जाता है.