भारत निर्विरोध 8वीं बार चुना गया UNSC का अस्थायी सदस्य, इन देशों ने किया समर्थन

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नई दिल्ली. भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के चुनावों में निर्विरोध अस्थाई सदस्य चुन लिया गया है. अब भारत 2021-22 के लिए इस सर्वोच्च संस्था का अस्थायी सदस्य बन गया है.

ये 8 वीं बार है जब भारत (INDIA) यूएनएससी (UNSC) के अस्थाई सदस्य लिए चुना गया है. भारत पहली बार 1950 में गैर-स्थायी सदस्य के रूप में चुना गया था. भारत के साथ-साथ आयरलैंड, मेक्सिको और नॉर्वे को भी सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 (Covid 19) से संबंधित पाबंदियों के कारण संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मतदान के विशेष इंतजाम किए गए थे. UN हेडक्वार्टर कोरोना महामारी के चलते 15 से ही बंद था.

बता दें भारत को अस्थायी सदस्य चुने जाने के लिए मात्र 128 वोट चाहिए था. भारत को पहले से ही उम्मीद थी कि बुधवार को सुरक्षा परिषद चुनाव में उसे आसानी से जीत मिल जाएगी. भारत पहली बार 1950 में गैर-स्थायी सदस्य के रूप में चुना गया था और आज आठवीं बार चुना गया.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस त्रिमूर्ति (India’s permanent representative TS Trimurti) ने अपने ट्विटर हैंडल से इस बात की जानकारी दी. टीएस तिरुमूर्ति ने जीते के बाद कहा कि भारत कुशल नेतृत्व जारी रखेगा और एक बेहतर बहुपक्षीय व्यवस्था को नई दिशा देगा.

उन्होंने कहा कि भारत का एक बार फिर UNSC में चुना जाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और वैश्विक नेतृत्व को पुख्ता करता है, खासकर कोरोना महामारी ऐसे कठिन समय में.

अमेरिका (America) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के अस्थायी सदस्य चुने जाने पर गर्मजोशी से स्वागत किया है. वहीं भारत की इस कामयाबी पर चिढ़े पाकिस्तान (Pakistan) ने कहा कि सुरक्षा परिषद में नई दिल्ली की अस्थायी सदस्यता हमारे लिए चिंता की बात है.

सुरक्षा परिषद में वीटो-अधिकार वाले पांच बड़े देश ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका के अलावा 10 गैर-स्थायी सदस्य हैं.

बता दें कि UNSC में हर साल दो वर्ष के कार्यकाल के लिए कुल 10 में से पांच अस्थायी सदस्यों के लिए चुनाव होते हैं. ये 10 सीटें क्षेत्रीय आधार पर दी जाती हैं. 5 सीटें अफ्रीका और एशियाई देशों के लिए, 1 पूर्वी यूरोपीय देशों, 2 लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई देशों और 2 पश्चिमी यूरोपीय और अन्य राज्यों के लिए वितरित की जाती हैं.