भारत-चीन हिंसक भिड़ंत के बाद लद्दाख पहुंचे आर्मी चीफ, घटना में घायल जवानों से की मुलाकात

Army Chief meet injured Soldiers
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भारत-चीन में चल रही तनातनी के बीच सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे आज (मंगलवार को) लद्दाख पहुंचे. अपने दो दिवसीय दौरे में आर्मी चीफ जमीनी हालात के साथ ही अब तक चीनी सेना के साथ हुई वार्ता में प्रगति की समीक्षा करेंगे.

थलसेना अध्यक्ष सबसे पहले 15 जून को चीनी सेना के साथ खूनी संघर्ष में घायल सेना के जवानों से लेह अस्पताल में मुलाकात की. जनरल नरवाणे ने घायल जवानों से घटना की पूरी जानकारी ली.

इस दौरान उन्होंने बहादुर जवानों का उत्साह भी बढ़ाया और उनके साहस की सराहना भी की. सेना प्रमुख ने लद्दाख पहुंचने पर कोविड़-19 के जारी दिशा-निर्देशें का पूरा पालन किया. दो दिवसीय दौरे के दौरान एमएम नरवणे कश्मीर घाटी भी जाएंगे तथा वहां के हालात की समीक्षा करेंगे.

बता दें कि चीन से गतिरोध के बाद नरवणे की एक महीने में यह दूसरी लद्दाख यात्रा है. इससे पहले वे आज से ठीक एक महीने पहले 23 मई को गोपनीय दौरे पर लेह पहुंचे थे. और लद्दाख में 14वीं कोर के मुख्यालय का दौरा करके सुरक्षा व्यवस्थाओं को जायजा लिया था.

गलवान घाटी में सेना के 20 जवानों की शहादत के बाद एमएम नरवणे पहली बार लद्दाख आए हैं. लेह में सेना प्रमुख 14 कोर अधिकारियों के साथ जमीनी हालात और चीनी सेना के साथ अब तक हुई वार्ता में प्रगति की समीक्षा करेंगे.

इस दौरान सेना अध्यक्ष पूर्वी लद्दाख की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले सैनिकों का उत्साह बढ़ाने के लिए उनसे बातचीत करने के साथ ही फील्ड कमांडरों से बातचीत कर सुरक्षा परिदृश्य का जायजा भी लेंगे.

इससे पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया भी 19 जून को लेह का दौरा कर चुके हैं. वायुसेना प्रमुख ने लेह और श्रीनगर एयरबेस का दौरा करके तैयारियों का जायजा लिया था. उन्होंने कहा था कि वायुसेना किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है.

हिन्दुस्थान समाचार/बलवान