IMF ने मोदी सरकार को दी ये सलाह

नई दिल्ली. वित्त मंत्री सीतारमण ने 1 फरवरी को देश का बजट पेश किया था. इस बजट में वित्त मंत्री ने सभी तबके के लिए कुछ न कुछ खास देने की कोशिश की थी. मगर अगर निर्मला सीतारमण ने किसी बात पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया था, वो है देश की इकोनॉमी.

सरकार के इस बजट पर अब इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी की IMF की प्रतिक्रिया भी आ गई है. IMF का कहा है कि हालिया बजट में भारत ने फिस्कल सिचुएशन पर “अकोमडेटिव” रुख बरकरार रखना सही है क्योंकि भारत की इकोनॉमी कमजोर है.

IMF चाहता है कि भारत सरकार मीडियम टर्म में फिस्कल कंसॉलिडेशन करे ताकि कर्ज के बोझ को कम किया जा सके. यहां फिस्कल कंसॉलिडेशन के मायने खर्च कम करने से है. आईएमएफ का कहना है कि सरकार के उठाये हुए ज्यादातर कदम सही है, मगर सरकार को अभी और सतर्क होना होगा.

IMF ने भारत की इकोनॉमी को लेकर पहले जो अनुमान जताया था, भारत की इकोनॉमी अभी उससे कमजोर है. गुरुवार को वॉशिंगटन में आयोजित एक समारोह में IMF के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर गेरी राइस ने कहा, “कमजोर इकोनॉमी को देखते हुए बजट में अकोमडेटिव रुख अख्तियार करना सही फैसला है.

आईएमएफ के प्रवक्ता गैरी राइस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस महीने पेश किए गए बजट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भारत की आर्थिक परिस्थितियां आईएमएफ के पहले के पूर्वानुमानों की तुलना में कमजोर हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘बजट में विभिन्न क्षेत्रों पर किये जा रहे प्रयासों पर ध्यान दिया गया है, लेकिन कर्ज के बढ़ते स्तर को देखते हुए भारत को मध्यम अवधि में राजकोषीय स्थिति सही करने की रणनीति अपनाने तथा अधिक महत्वाकांक्षी रणनीतिक एवं वित्तीय सुधारों पर अमल करने की तत्काल जरूरत है.’’

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