नवादा में चल रहे 106 अवैध चिकित्सा संस्थान

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  • इसके आलोक में  नवादा के सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय से आनन-फानन में जिला जनसंपर्क विभाग को जिले के 106 अवैध  चिकित्सा संस्थानों की सूची उपलब्ध करायी  गयी है
  • मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय से जारी सूची औपबंधिक रूप से प्रकाशित की जाती है जिसमें समय के अनुसार फेरबदल संभव है

नवादा, 03 जनवरी (हि.स.). पटना उच्च न्यायालय के सख्त आदेश के बाद सूबे का स्वास्थ्य महकमा कुंभकरण की नींद से जागा है. विभाग के अवर सचिव ने 20 दिसंबर को पत्र जारी कर जिले के सभी अवैध चिकित्सा संस्थानों की सूची जारी करने का निर्देश दिया है.

इसके आलोक में  नवादा के सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय से आनन-फानन में जिला जनसंपर्क विभाग को जिले के 106 अवैध  चिकित्सा संस्थानों की सूची उपलब्ध करायी  गयी है. जिले भर में अवैध ढंग से संचालित 46 नर्सिंग होम, 38 जांच घर ,21 क्लिनिक  और 1 दवाखाना का नाम उजागर हो गया है जबकि सैकड़ो दवाखाना बिना लाइसेंस के चलाये जा रहे हैं जिनके नाम उजागर नहीं किये गए हैं.

सूची सार्वजनिक होने के बाद से जिले के अवैध चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप मचा है.  उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका संख्या सी डब्ल्यूजेसी 20444, 2014 इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजी स्टैंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में यह यह आदेश पारित किया गया है जिसके आलोक में क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन एक्ट 2010 नियमावली 2012 संशोधित नियमावली 2018 एवं बिहार क्लिनिकल  एस्टेब्लिशमेंट रूल्स 2013 के तहत अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैबोरेट्री जांच घर, नर्सिंग होम ,क्लीनिक की सूची का प्रकाशन करने का निर्देश दिया गया है.

मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय से जारी सूची औपबंधिक रूप से प्रकाशित की जाती है जिसमें समय के अनुसार फेरबदल संभव है. जिले के अवैध चिकित्सा संस्थानों के प्रति स्वास्थ्य महकमा उदासीनता बरतता आया है जिसके चलते जिले में निजी नर्सिंग होम ,क्लीनिक और लैब संचालकों के हौसले बुलंद हैं.

जिले में करीब 106 नर्सिंग होम क्लीनिक और लैब अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग इन अवैध नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता. हालांकि इसके बारे में विभाग के आला आधिकरियों को जानकारी भी है।कानून के नियम और शर्तों का उल्लंघन करते ये संस्थान खुलेआम बेरोकटोक संचालित हैं.

इन अवैध संचालित संस्थाओं से महीने में करोड़ों कमाई होती है, जिसके कारण कार्रवाई तो दूर निरीक्षण भी नहीं होता. जिले में संचालित नाजायज चिकित्सा संस्थानों पर कार्रवाई करना तो दूर की बात रही निरीक्षण भी नहीं किया जाता है. जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल रोड पुरानी, जेल रोड ,हरिश्चंद्र स्टेडियम, पोस्टमार्टम रोड ,स्टेशन रोड, पार नवादा सहित अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में अवैध संस्थान संचालित हैं.

सदर अस्पताल के ठीक सामने होर्डिंग व दीवारों पर नर्सिंग होम के साथ ही जांच घर का फ्लेक्स चिपका होता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता जिससे बेसमय कई लोग जान गंवाते हैं. मरीजों की मौत के बाद भी कार्रवाई होने के पूर्व ही मामले को दबा दिया जाता है.

झोलाछाप डॉक्टर पर नहीं होती करवाई: जिले में क्लीनिक इस्टैब्लिशमेंट एक्ट लागू किया गया. दो बार नियमावली बनी और संशोधित हुई 2018 में. इसके बाद से जिले में मात्र तीस चिकित्सा संस्थानों ने विभाग से औपबंधिक निबंधन कराया है जिसमें 28 चिकित्सा संस्थान जिला मुख्यालय में स्थित हैं जबकि वारिसअलीगंज में एक और हिसुआ में एक  चिकित्सा संस्थान का रजिस्ट्रेशन किया गया है.

इधर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार जिले में 136 नर्सिंग होम क्लीनिक और लैब  संचालित हो रहे हैं. हालांकि यह आंकड़ा भी सही नहीं है. जारी की गई सूची के ऊपर जिले भर में कई चिकित्सा संस्थान फर्जी लोगों द्वारा संचालित हो रहे हैं जिनका कोई लेखा-जोखा नहीं है.

पटना उच्च न्यायालय के न्यायादेश के आलोक में जिले के 106 अवैध चिकित्सा संस्थानों की सूची सार्वजनिक की गई है. इनमें  जिला मुख्यालय में 20, राजौली में 9, नारदीगंज में 8, पकरीबरावां में 7, अकबरपुर में 6, सिरदला में 7, हिसुआ में 11, वारिसलीगंज में 10, कौवाकोल में 13, रोह में 9, गोविंदपुर में 4 और नरहट में 2 अवैध चिकित्सा संस्थान संचालित हो रहे हैं.

जिला मुख्यालय में लाइफ लाइन पैथोलॉजी सेंटर अस्पताल रोड, फाइनल जांच डायग्नोस्टिक सेंटर पुरानी जेल रोड ,भारत पैथोलॉजी सेंटर गया रोड, मिल्लत हार्ट हॉस्पिटल गया रोड, जनता डायग्नोस्टिक सेंटर पुरानी जेल रोड, मेट्रो जांच घर अंबेडकर नगर ,न्यू पैथॉकेयर अंसार नगर, प्रयागराज नर्सिंग होम बस स्टैंड नवादा ,सेंट्रल हॉस्पिटल इस्लामनगर ,निर्मल पब्लिक हेल्थ सर्विस सेंटर पार नवादा ,दुर्गा नर्सिंग होम हरिश्चंद स्टेडियम रोड ,केशव नर्सिंग होम पकरी बरामा बस स्टैंड ,पप्पू किलनिक मेन रोड ,साईं नर्सिंग होम मेन रोड ,सूर्य क्लिनिक बस स्टैंड काली मंदिर के निकट अवैध चिकित्सा संस्थानों की सूची में शामिल हैं.

हिन्दुस्थान समाचार/डॉ सुमन/विभाकर

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