Kulbhushan Jadhav की फांसी पर ICJ ने लगाई रोक, भारत की कूटनीतिक जीत

नई दिल्ली. पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी देने पर नीदरलैंड के हेग में स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय रोक लगा दी है. पाकिस्तान को अपने फैसले पर अब पुनर्विचार करना होगा. कोर्ट ने कहा कि काउंसलर एक्सेस मिलना कुलभूषण का अधिकार है.

फैसला सुनाते समय जज ने क्या-क्या कहा…

  • पाकिस्तान की अदालत ने अप्रैल 2017 को फांसी की सजा सुनाई थी
  • ICJ में कुलभूषण का मामला 8 मई 2017 को दाखिल किया गया था.
  • ICJ में 16 सदस्यीय पीठ ने 15-1 के हिसाब से भारत के पक्ष में फैसला सुनाया.
  • फैसला आने से पहले ICJ की कानूनी सलाहकार ने ट्वीट करके भारत के पक्ष में फैसला आने की जानकारी दी.
  • उन्होंने ट्वीट में कहा कि 15-1 से भारत के पक्ष में फैसला आएगा.
  • उन्होंने कहा कि भारत को काउंसलर एक्सेस मिलेगा.

कोर्ट के अध्यक्ष जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने कहा कि जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से फैसले की समीक्षा और उस पर पुनर्विचार नहीं कर लेता, फांसी पर रोक जारी रहेगी.

कोर्ट के अध्यक्ष सोमालिया के जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने फैसला पढ़ा. उन्होंने 42 पन्नों के फैसले में कहा कि पाकिस्तान जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से अपने फैसले की समीक्षा और पुनर्विचार नहीं कर लेता है, तब तक कुलभूषण की फांसी पर रोक रहेगी. 

आईसीजे ने कहा- पाकिस्तान ने कुलभूषण के साथ भारत की बातचीत और कॉन्स्यूलर एक्सेस के अधिकार को दरकिनार किया. पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण के लिए कानूनी प्रतिनिधि मुहैया कराने का मौका नहीं दिया. पाक ने विएना संधि के तहत कॉन्स्यूलर रिलेशन नियमों का उल्लंघन किया.

भारत में शुरू हुआ जश्न

अंतरराष्ट्रीय अदालत ने जैसे ही कुलभूषण की फांसी पर रोक लगाई, भारत में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस फैसाले को भारत की बड़ी जीत बताया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसे भारत की बड़ी जीत बताया है.

अभी तक क्या-क्या हुआ

जाधव फिलहाल पाकिस्तानी जेल में बंद हैं. पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने 48 वर्षीय जाधव को अप्रैल, 2017 में फांसी की सजा सुनाई थी. पाकिस्तान ने उन पर जासूसी करने के आरोप लगाए हैं, जबकि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने उन्हें ईरान से उन्हें अगवा किया था.

भारत को जाधव की हिरासत के बारे में 25 मार्च , 2016 में जानकारी मिली और 11 अप्रैल 2017 को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई. इसके बाद 8 मई, 2017 को भारत ने अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाया.

18 मई 2017 को आईसीजे ने कुलभूषण की फांसी पर रोक लगा दी थी. इस साल 19 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय अदालत में कुलभूषण मामले की सुनवाई हुई जहां पाकिस्तानी एटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने अपने देश का पक्ष रखा और जाधव को रॉ का एजेंट बताया.

पेशावर में आर्मी स्कूल में हमले के लिए भी भारत को दोषी ठहराया. इससे पहले 18 फरवरी को सुनावाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए भारत ने कहा था कि पाकिस्तान इस मामले में उचित प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों को भी पूरा करने में असफल रहा है.

भारत ने यह भी अपील की थी कि इंटरनेशनल कोर्ट पाकिस्तान के फैसले को गैरकानूनी घोषित करने पर विचार करे. भारतीय समयानुसार शाम साढ़े छह बजे सार्वजनिक सुनवाई होगी जिसमें अदालत के प्रमुख न्यायाधीश अब्दुलकावी अहमद यूसुफ फैसला पढ़कर सुनाएंगे.

इससे पहले इस मामले में फैसला आने से करीब पांच महीने पहले न्यायाधीश यूसुफ की अध्यक्षता वाली आईसीजे की 15 सदस्यीय पीठ ने भारत और पाकिस्तान की दलीलें सुनने के बाद 21 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा था.

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