नए शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में ‘मॉनिटर’ के लिए बेटियों को मिलेगी तवज्जो

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) छात्राओं में नेतृत्व के गुणों और आत्मविश्वास का पोषण करने के लिए नए शैक्षणिक सत्र से ‘मैं हूं मॉनिटर’ योजना शुरू करने जा रहा है. इसके तहत प्रत्येक कक्षा में कम से कम छह माह के लिए किसी छात्रा को मॉनिटर के रूप में नामित किया जाएगा.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने रविवार को बताया कि मंत्रालय ने वर्ष 2020-21 और उसके बाद के शैक्षणिक सत्रों की कम से कम आधी अवधि के लिए कक्षा मॉनिटर ‘मैं हूं मॉनिटर’ के रूप में छात्रा को नामित करने का निर्णय लिया है. 

उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को कक्षा निर्देश के दौरान प्रतिभाशाली छात्राओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है. उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से छात्राओं और महिलाओं के सशक्तीकरण को गति देने के लिए उनका मंत्रालय देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (IWD) मनाएगा. 

 निशंक ने कहा कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 1 से 7 मार्च तक एक थीम आधारित विशेष अभियान शुरू किया है. इसके तहत 1 मार्च का थीम शिक्षा है. महिलाओं को सम्मान के रूप में मंत्रालय द्वारा उत्सव पूरे वर्ष जारी रहेगा. 

उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने छात्राओं को अपने जीवन में उत्कृष्टता लाने के लिए विभिन्न गतिविधियां शुरू करने का फैसला लिया है. इसके तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग गोलमेज वार्ता का आयोजन करेगा और कई अन्य गतिविधियों के बीच देश भर के लगभग 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में विभिन्न विषयों पर महिला सशक्तीकरण के कई अन्य कार्यक्रम शुरू करेगा. 

निशंक ने कहा कि योग ओलंपियाड की तर्ज पर स्कूल स्तर पर लड़कियों के लिए एक सेल्फ डिफेंस ओलंपियाड का आयोजन किया जाएगा. लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी स्कूलों की छठी से बारहवीं कक्षा की लड़कियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाता है. निशंक ने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय अपने-अपने परिसरों में विभिन्न स्थानों पर महिला हेल्पलाइन नंबरों को प्रमुखता से प्रदर्शित करेंगे.

हिन्दुस्थान समाचार/सुशील

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