बैन से टिकटॉक को लगा तगड़ा झटका, होती थी अरबों में कमाई

नई दिल्ली. भारत सरकार ने 59 एप्स पर सख्स कार्रवाई करते हुए उन्हें बैन कर दिया है. इसे लोग चीन के खिलाफ की गई डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक के रुप में देख रहे हैं. सोशल मीडिया पर मोदी सरकार के इस फैसले की काफी तारीफ की जा रही है. क्योंकि काफी समय से सोशल मीडिया पर चीनी एप्स और सामानों का बहिष्कार किया जा रहा है.

 सरकार ने इस फैसले के जरिए चीन को कई तरह से चोट पहुंची है. एक तरफ जहां उसे जहां इस बात का संदेश मिला की उसकी मनमानी अब नहीं सहन की जायेगी.  भारत सरकार उसके खिलाफ कड़े से कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं रहेगी. वहीं दूसरी तरफ सरकार के इस फैसले से उसकी अर्थव्यवस्था पर भी गहरी चोट पहुंची है.

 चीन एप्स के जरिए मोटी कमाई करता है.टिकटॉक जैसा एप भारत से मोटा मुनाफा कमाते हैं. टिकटॉक एक ऐसा एप है जो कि एक रेडी वाले के स्मार्टफोन से लेकर एक बड़े स्टार तक के फोन में मौजूद है. टिकटॉक जैसी एप्स के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार था, जिसके सहारे बाइट डांस जैसी कंपनियां फेसबुक जैसी कंपनियों को टक्कर देने का सपना देख रही थी.

सिर्फ कुछ ही सालों में टिकटॉक ने भारत पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है. करोड़ों मोबाइल में एप डाउनलोड से टिकटॉक खूब कमाई भी करने लगा था. अक्टूबर से दिसंबर 2019 के बीच महज तीन महीनों में इस एप से कंपनी को 25 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था, जबकि इस साल जुलाई से सितंबर के बीच कंपनी ने 100 करोड़ रुपए रेवेन्यू का लक्ष्य रखा था. एप पर विज्ञापनों के जरिए कंपनी की आमदनी में लगातार इजाफा हो रहा था.

भारत में टिकटॉक को करीब 47 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका था. इसके कुल यूजर्स का 30 फीसदी हिस्सा भारत में था…भले ही रेवेन्यू के मामले में यह एप भले ही फेसबुक से बहुत पीछे था, लेकिन यूजर्स बेस के मामले में इसने फेसबुक जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया था…

सिर्फ टिकटॉक ही नहीं बल्कि शेयर इट, यूसी ब्राउजर,यूसी न्यूज, हेलो, लाइकी, वीचैट, वीगो, कैम स्कैनर, क्लीन मास्टर जैसे एप के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार था. ये सभी एप्स सबसे ज्यादा कमाई भारत से करते हैं.  इस बात का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि क्रोम के बाद भारत में यूसी ब्राउजर सबसे बड़ा ब्राउजर हैं.

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